रुड़की। पुलिस की ओर से पुराने हिस्ट्रीशीटरों को राहत देने का काम शुरू कर दिया गया है। पुराने हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्री बंद की जा रही है, जबकि नए हिस्ट्रीशीटरों की लिस्ट तैयार की जा रही है। पुराने हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्री बंद होने से अब उन्हें कोतवाली या थानों में परेड नहीं करनी होगी। डीजीपी की ओर से जिलेभर के थानों और कोतवाली में यह आदेश भेजा गया है।
विभिन्न अपराध में लिप्त रहने पर पुलिस अपराधियों की हिस्ट्री तैयार करती है। हिस्ट्री तैयार होने के बाद इन्हें हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया जाता है। हिस्ट्रीशीटरों पर पुलिस की पैनी नजर रहती है। इतना ही नहीं पुलिस इनकी समय-समय पर कोतवाली और थानों में बुलाकर परेड भी कराती है। परेड में शामिल नहीं होने पर पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाती है। रुड़की और देहात में कई ऐसे लोग है, जिनके नाम दस साल से हिस्ट्रीशीटर में दर्ज हैं और वह या तो बुजुर्ग हो गए हैं या फिर सुधर गए हैं। इसके बाद यह पुलिस की किताब में हिस्ट्रीशीटर हैं, लेकिन अब इन्हें डीजीपी अशोक कुमार की ओर से राहत देने का काम शुरू कर दिया गया है। डीजीपी की ओर से जिलेभर के थानों और कोतवाली को आदेश दिए गए हैं कि जिनके नाम दस या उससे अधिक साल से हिस्ट्रीशीटर में दर्ज हैं, उनकी हिस्ट्री बंद कर दी जाए। जो नए अपराधी हैं, उन्हें हिस्ट्रीशीटर में दर्ज किया जाए। डीजीपी के आदेश के बाद जिले भर में पुलिस ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है।
डीजीपी के आदेश के सभी कोतवाली व थानों में पुराने हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्री बंद करने काम शुरू हो चुका है। जो नए अपराधी हैं, उनकी हिस्ट्री खोलकर हिस्ट्रीशीटर में दर्ज किया जा रहा है।
- एसके सिंह, एसपी देहात