शहर की एसबीआई मुख्य शाखा में बृहस्पतिवार की देर शाम आरबीआई की ओर से दस करोड़ की राशि भेजी गई थी, लेकिन शुक्रवार को ही कैश खत्म हो गया। ऐसे में शनिवार को शाखा के मुख्य गेट पर नो कैश का बोर्ड लगा दिया गया। नकदी निकासी के लिए एसबीआई मुख्य शाखा पहुंचे उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। यही नहीं इससे जुड़ी लगभग 20 शाखाओं में भी नकदी का टोटा बना रहा। निजी बैंकों में भी नकदी की कमी से उपभोक्ताओं को दो चार होना पड़ा।
नोट बंदी के 58 दिन बाद भी शहरवासियों को नकदी की कमी से निजात नहीं मिल पाई है। स्थिति यह है कि एसबीआई में बीते दस दिनों से अधिकतम चार हजार की निकासी हो रही थी। बीते रोज आरबीआई की ओर से दस करोड़ की राशि जारी की गई, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई। बचत खाते के लिए निर्धारित 24 हजार और करेंट खाते के लिए अधिकतम 50 हजार की निकासी सीमा होने के कारण एक दिन में ही दस करोड़ की राशि खत्म हो गई। इससे पहले उक्त राशि में से एटीएम और अन्य संबंधित शाखाओं और बैंकों को भी नकदी दी गई। नोटबंदी के 58 दिन बाद भी बैंकों से पर्याप्त राशि नहीं मिलने से उपभोक्ताओं में भी रोष पनप रहा है।
एसबीआई मुख्य शाखा के स्पेशल असिस्टेंट वीके गुप्ता का कहना है कि अब आरबीआई से नकदी आने के बाद ही उपभोक्ताओं को राहत मिल सकेगी, लेकिन नकदी कब तक आएगी, इस संबंध में जानकारी नहीं है।
पीएनबी से मिल रही नकदी, राहत
एक ओर जहां अन्य बैंकों में लगातार बैंक अधिकारी और उपभोक्ता नकदी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं अपेक्षाकृत पीएनबी से लोगों को राहत मिल रही है। पीएनबी बीटीगंज स्थित मुख्य शाखा, जादूगर रोड स्थित पीएनबी की शाखा, आईआईटी परिसर स्थित पीएनबी शाखा में लगातार उपभोक्ताओं को नकदी मिल रही है। शनिवार को भी पीएनबी की उक्त शाखाओं में लोगों को निर्धारित 24 हजार तक की नकदी मिल सकी।