सिविल अस्पताल में हड्डी संबंधी बीमारी और चोट का उपचार कराने पहुंच रहे मरीजों के लिए अगले कई दिन मुश्किल भरे रहने वाले हैं। अस्पताल में तैनात एकमात्र हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश कुमार के 30 सितंबर तक अवकाश पर चले जाने से हड्डी रोग की ओपीडी प्रभावित हो गई है। शुक्रवार को भी करीब 35 मरीजों को उपचार कराए बिना लौटना पड़ा।
अस्पताल में करीब तीन माह पहले तक हड्डी रोग विभाग में दो विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात थे। इनमें से एक चिकित्सक पहले से ही लंबे चिकित्सा अवकाश पर चल रहे थे। बाद में तबादला सूची में नाम शामिल होने के बाद उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन किया। इसके कारण विभाग की पूरी ओपीडी एक ही चिकित्सक के भरोसे रह गई थी।
अब डॉ. सतीश कुमार के अवकाश पर जाने से विभाग में मरीजों के उपचार की व्यवस्था और प्रभावित हो गई है। रोजाना हड्डी, जोड़ और पुरानी चोट से संबंधित समस्या लेकर मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्गों के साथ दुर्घटना में घायल और दर्द से परेशान मरीज भी शामिल रहते हैं।
शुक्रवार को ओपीडी में पहुंचे मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण वापस लौटना पड़ा। कुछ मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ा जबकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के सामने उपचार को लेकर अतिरिक्त परेशानी खड़ी हो गई है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ़ एके मिश्रा ने बताया कि डॉ़ सतीश कुमार 30 सितंबर तक पैटरनिटी लीव पर गए हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए विभाग से चिकित्सक की मांग की है।