रुड़की। इस बार कांवड़ सीजन में शिवभक्तों की संख्या रिकार्ड तोड़ सकती है क्योंकि पंचक लगने के बाद भी आम सालों की अपेक्षा इस बार कांवड़ियों का रेला दौड़ता दिख रहा है। यात्रा के सकुशल संचालन ने प्रशासन के अभी से पसीने छुड़ाने शुरू कर दिए हैं। इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी चिंतित नजर आने लगे हैं। वहीं 26 जुलाई से कांवडिय़ों का भारी सैलाब उमडने की उम्मीद है।
श्रावण मास में 21 जुलाई की रात से पंचक लग गए थे जो कि 26 जुलाई को दोपहर 11 बजे समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद एक अगस्त को शिवरात्रि का पर्व होगा। पंचक समाप्ति के बाद गंगाजल भरकर दूर प्रदेशों तक पहुंचने वाले कांवड़ियों के पास अधिक समय नहीं बचेगा जिसके चलते इस बार बड़ी संख्या में पंचक में भी शिवभक्त कांवड़ ले जा रहे हैं क्योंकि पंचक के बाद पैदल यात्रा करते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए एक सप्ताह शेष होगा। इसमें भी 30 जुलाई से डाक कांवड़ शुरू हो जाएगी। ऐसे में दूर प्रदेशों तक पहुंचने वाले कांवड़िए 30 जुलाई से पहले ही हरिद्वार से अपनी यात्रा शुरू करने की कोशिश करेंगे। शनिवार को भी प्रशासन की उम्मीदों के इतर काफी संख्या में शिवभक्तों का रेला कांवड़ पटरी पर चलता नजर आया। शहर से गुजर रही कांवड़ पटरी पर विभिन्न चौराहों पर बेरीकेडिंग की गई है जहां से कभी कांवड़ियों को प्रमुखता से निकाला जा रहा है। पुलिस प्रशासन को इन चौराहों पर व्यवस्था बनाने के लिए जमकर पसीना बहाना पड़ रहा है। जैसे-जैसे शिवरात्रि की तिथि नजदीक आएगी, वैसे-वैसे ही प्रशासन की चुनौतियां और भी बढ़ती जाएंगी।