सीबीआरआई के माली को जमीन में लगने वाले पेड़ों का संसार गमलों में बसाने में महारत हासिल है। भगवानपुर चंदनपुर निवासी माली शमशेर ने संस्थान की कालोनी में गमले में एक किलो वजन तक के अमरूद देने वाले पेड़ों को लगाया है। इसके अलावा उनके गमले में पाकिस्तानी मौसमी, हिमाचल का सेब और चीकू आदि भी खासे आकर्षण का केंद्र बने हैं।
सीबीआरआई के शांतिनगर कालोनी में माली शमशेर ने गमलों में पेड़ों को न केवल खूबसूरत आकार दिया है। बल्कि भारी भरकम फल भी उगाए हैं। शमशेर ने बताया कि उन्होंने गमले में चार फीट ऊंचाई का अमरूद का पेड़ लगया है। जिसे वन केजी नाम दिया गया है। जिसे उच्च वैरायटी के अमरूद के पेड़ की शाखा को काटकर उसे एक अन्य अमरूद के पेड़ के साथ कलम लगाकर तैयार किया गया है।
यह पेड़ सीजन में 15 से 20 फल दे रहा है। जिस पर आधा से एक किलो वजन के अमरूद पैदा हो रहे हैं। इसके अलावा गमले में ही हिमाचल से लाया गया सेब का पेड़ भी लगाया गया है। जिसको निम्न तापमान पर रखकर उसकी देखभाल की जा रही है। वहीं चीकू के अलावा दो फीट ऊंचाई वाले पाकिस्तानी मौसमी का पेड़ भी लगाया गया है। पेड़ो के प्रति लगाव और लगन की बदौलत ही वह चार अवार्ड भी संस्थान को दिला चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान उन्हें दो अवार्ड सीबीआरआई, दो अवार्ड राजभवन देहरादून, दो बार आर्मी से हासिल हुए है। उनके इस कार्य में सहयोगी प्रमोद माली भी साथ दे रहे हैं।