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ठगों ने एसपी का बनाया फर्जी फेजबुक एकाउंट

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साइबर ठगों का हौसला इतना बढ़ गया है कि अब वे पुलिस अधिकारियों के नाम पर भी लोगों को ठगने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामले में ठगों ने एसपी देहात का फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाया और उनके परिचितों को मैसेज भेजकर दोस्त की बेटी बीमार होने के नाम पर पैसे मांगे। एसपी देहात को पता चला तो उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस और साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है।
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साइबर ठग लोगों से ठगी के लिए आए दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब उन्होंने पुलिस अधिकारियों के नाम से लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। साइबर ठगों ने एसपी देहात एसके सिंह के फेसबुक एकाउंट से फोटो चोरी कर उनके नाम से फर्जी फेसबुक एकाउंट बना डाला। साथ ही परिचितों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। इसके बाद एक दोस्त की बेटी के बीमार होने का बहाना बनाकर परिचितों को मैसेंजर पर मैसेज भेजे और पेटीएम के जरिये 20-20 हजार रुपये मांगने शुरू कर दिए। परिचितों को शक हुआ तो उन्होंने एसपी देहात से जानकारी ली। एसपी देहात को सच्चाई पता चली तो वह भी हैरान रह गए। उन्होंने परिचितों को बताया कि वह किसी के झांसे में न आएं। उनकी ओर से कोई पैसे नहीं मांगे गए हैं। किसी ने उनके नाम से फर्जी एकाउंट बना लिया है। एसपी देहात ने बताया कि साइबर सेल में शिकायत दर्ज की गई है।
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पुलिस को ढाल बनाकर बुन रहे ठगी का जाल
पूर्व में भी ठग सीओ व कई दरोगा के बना चुके हैं फर्जी एकाउंट
परिचितों से कर चुके हैं रकम की मांग, लेकिन पकड़ से हैं बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। शातिर साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए ‘मित्र पुलिस’ को ही अपना हथियार बना रहे हैं। एसपी देहात के फर्जी एकाउंट बनाने से पहले वे सीओ और कई दरोगाओं के फर्जी एकाउंट बनाकर परिचितों से रकम की मांग कर चुके हैं। इसकी शिकायत भी गई, लेकिन अभी तक ठगों तक पुलिस के लंबे हाथ नहीं पहुंचे हैं। यही वजह है कि अब उन्होंने एसपी देहात के नाम का सहारा लिया।
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साइबर ठग पुलिस को ढाल बनाकर लोगों से ठगी का जाल बुन रहे हैं। इसकी काट अभी तक पुलिस के पास भी नहीं है। साइबर ठग पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम से फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाकर परिचितों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी तमाम शिकायतें खुद पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं, लेकिन ठगों को पुलिस का भी डर नहीं है। वह लगातार फर्जी एकाउंट बनाकर पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। बावजूद इसके पुलिस अधिकारी इस तरफ गंभीर नजर आते नहीं दिख रहे हैं। इसी का नतीजा है कि एक बार फिर ठगों ने एसपी देहात एसके सिंह के फेसबुक एकाउंट में सेंध कर फोटो चुराई और फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाकर परिचितों से ठगी की कोशिश की, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच तक ही सीमित है।
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कॉल भी करते हैं ठग
साइबर ठग फर्जी एकाउंट बनाने के साथ ही मैसेज में एक मोबाइल नंबर भी छोड़ते हैं। इस पर वह लोगों से बातचीत भी करते हैं। बावजूद इसके पुलिस और साइबर सेल इन तक नहीं पहुंच पा रही है। वैसे तो पुलिस बड़े से बड़ा केस सुलझाने और खुलासे करने में हाईटेक नेटवर्किंग से काम करने का दम भरती है, लेकिन साइबर ठगों तक पहुंचने में पुलिस के पास जांच के अलावा कोई और कोई शब्द नहीं है।
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ऐसे ठगों तक पहुंचने के लिए गंभीरता से जांच की जाती है। जांच में पता चलता है कि ये लोग इंटरनेट कॉलिंग करते हैं। कई मामलों में पुलिस इन तक पहुंच जाती है और कई में यह पकड़ से दूर रहते हैं। इनसे सिर्फ जागरूकता से ही बचा जा सकता है।
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-एसके सिंह, एसपी देहात
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