रुड़की। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में स्थानीय समस्याएं और मुद्दे काफी पीछे छूट गए हैं और प्रत्याशियों में शराब पिलाने की होड़ लगी है। यही कारण है कि अधिकांश प्रत्याशियों की ओर से हरियाणा और पंजाब से घटिया और सस्ती शराब मंगाकर लोगों की जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसे में क्षेत्र के तमाम जागरूक मतदाताओं ने भी इसके विरोध के लिए कमर कस ली है। उन्होंने मतदाताओं से अपील कि है कि मतदान के लिए ऐसे प्रत्याशियों को सबक सिखाएं जो शराब पिलाकर या फिर प्रलोभन देकर वोट हासिल करना चाहते हैं।
लक्सर-खानपुर ब्लाक हो या फिर भगवानपुर और बहादराबाद। दोनों ही चरणों के मतदान में शराब की अहम भूमिका है। स्थिति यह है कि चुनाव में इस्तेमाल के लिए प्रत्याशियों की ओर से प्रतिदिन लाखों रुपये की शराब हरियाणा और पंजाब से मंगाई जा रही है। आबकारी और पुलिस विभाग की ओर से यदा-कदा कार्रवाई कर खानापूरी भी की जा रही है। बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों शराब का बोलबाला है।
भले ही क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, लेकिन पंचायत प्रत्याशियों को इससे कोई लेना देना नहीं है। मतदाताओं की ओर से भी विकास के मुद्दे कम ही उठाए जा रहे हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव शराब और खानपान सहित अन्य तत्कालीन सुविधाओं और निजी स्वार्थों तक सीमित रह गए हैं।
जिला पंचायत के अधिकांश उम्मीदवार भी इसी भरोसे हैं कि शराब के दम पर चुनाव जीता जा सकता है। यही कारण है कि इसमें वह किसी प्रत्याशी से पिछड़ने को तैयार नहीं है। वहीं जागरूक मतदाताओं और जनप्रतिनिधियों ने लोगों से शराब पिलाकर वोट मांगने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ एकजुट होकर मतदान करने का आह्वान किया है।
क्या कहते हैं निर्वाचन अधिकारी
भले ही आए दिन भारी मात्रा में शराब पकड़ी जा रही हो, लेकिन प्रत्याशियों के खिलाफ इस तरह की लिखित में कोई शिकायत नहीं आई है। मतदाताओं को भी चाहिए कि वो अपने मताधिकार की अहमियत समझें और शराब पीकर या किसी तरह के प्रलोभन में आकर मतदान नहीं करें।
-डा. एमएस नयाल, निर्वाचन अधिकारी, रुड़की ब्लाक।
क्या कहती हैं खंड विकास अधिकारी
24 दिसंबर को नगर निगम सभागार में बैठक के दौरान प्रत्याशियों को इस बात की हिदायत दी गई थी कि वोट के लिए वो मतदाताओं को किसी तरह का प्रलोभन न दें। मतदाताओं को भी चाहिए कि शराब पिलाकर वोट मांगने वाले प्रत्याशियों का बहिष्कार करें और सही उम्मीदवारों का चुनाव करें, जो क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर सके।
-शिवरानी चौहान, खंड विकास अधिकारी, रुड़की
बार्डर पर पकड़ी शराब की बड़ी खेप
नारसन। उत्तराखंड यूपी बार्डर पर वाणिज्य कर विभाग और पुलिस ने हरियाणा से लाई जा रही अंग्रेजी व देशी शराब की बड़ी खेप पकड़ ली। तस्करों ने चेकिंग के दौरान नमकीन के कागज दिखाए। दुर्गंध आने पर कैंटर की सील खोलकर चेक किया गया तो 482 पेटी शराब देखकर टीम के होश उड़ गए। कैंटर से अलग-अलग राज्यों की नंबर प्लेट भी मिली हैं। पंचायत चुनाव में अब तक पकड़ में आया यह सबसे बड़ा जखीरा है।
जनपद में रविवार को पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान को देखते हुए बार्डरों पर चौकसी बढ़ाई गई है। वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर आशीष ठाकुर और नारसन पुलिस चौकी प्रभारी सुखपाल सिंह मान शुक्रवार की रात से बार्डर पर सघन चेकिंग में जुटे थे। एक कैंटर रोकने पर ड्राइवर और क्लीनर झटपट कागज लेकर पहुंचे और कैंटर में नमकीन भरी होने की जानकारी दी। शराब की दुर्गंध मिलने पर टीम का माथा ठनका और उन्होंने कैंटर की सील तोड़ी। इसी बीच दोनों तस्कर फरार हो गए। कैंटर में 266 पेटी अंग्रेजी और 216 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इतने बड़े पैमाने पर शराब पंचायत चुनाव में कौन तस्करी कर रहा था, इसकी जानकारी फिलहाल पुलिस व वाणिज्य कर विभाग को नहीं मिल पाई है। पुलिस और आबकारी विभाग पंचायत चुनाव में लगातार हरियाणा ब्रांड की शराब पकड़ रहा है। इससे पहले भगवानपुर पुलिस ने करीब 300 पेटी, झबरेड़ा पुलिस करीब 250 पेटी बरामद कर चुकी है। आबकारी विभाग ने भी अधिकतम 250 पेटी पकड़ी है।