पुलिस अभिरक्षा से बदमाश फरार होने के मामले में छह दिन बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। अधिकारी भी संबंध में कुछ खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों को बचाया जा रहा है इसको लेकर भी चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं।
मंगलौर पुलिस ने मुठभेड़ में अंशुल सैनी निवासी हरचंदपुर को घायल अवस्था में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां पर भगवानपुर थाने के हेड कांस्टेबल विपिन शर्मा और कांस्टेबल रामपाल तोमर को मुठभेड़ में घायल बदमाश अंशुल सैनी की निगरानी ड्यूटी में तैनात किया गया था।
इस बीच करीब सुबह 7:30 बजे के आसपास लघुशंका की बात कहकर टूटी हुई खिड़की से अंशुल सैनी कूदकर फरार हो गया था। हालांकि कुछ घंटे बाद पुलिस ने अंशुल सैनी को पनियाला रोड से गिरफ्तार कर लिया था। सिविल अस्पताल चौकी प्रभारी प्रवीण बिष्ट ने गंगनहर कोतवाली में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज हुए छह दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक जांच अधूरी है। एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने बताया कि एसपी क्राइम मुकदमे की जांच कर रहे हैं। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।