जिस व्यक्ति को तैरना आता है उसका डूबकर मरना संभव नहीं है। कुछ ऐसा ही मामला गंगनहर कोतवाली में आया। एक व्यक्ति ने नहर किनारे बाइक खड़ी कर उस पर सुसाइड नोट छोड़ दिया और गंगनहर में छलांग लगा दी। कुछ लोगों ने व्यक्ति को कूदते हुए देख लिया और मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर परिजनों को यह जानकारी दी। यह खबर सुनकर परिजन परेशान रहे, लेकिन सुबह गंगनहर में छलांग लगाने वाला व्यक्ति अपने घर पहुंच गया तो परिवार के लोग हैरान रह गए और उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र का एक व्यक्ति चार दिन पहले गणेशपुर पुल के समीप गंगनहर किनारे आया। उसने बाइक को किनारे खड़ा किया और फिर सुसाइड नोट लिखकर बाइक पर रख दिया। इसके बाद उसने गंगनहर में छलांग लगा दी। उसे छलांग लगातेदेख वहां खड़े लोगों ने जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके से बाइक और सुसाइड नोट बरामद कर परिजनों को जानकारी दी। रोते-पीटते परिजन कोतवाली गंगनहर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें सुसाइड नोट दिखाया। जिसमें लिखा था कि वह हमेशा के लिए जा रहा है। उसकी मौत का जिम्मेदार किसी को न समझा जाए।
परिजन सारी रात परेशान होते रहे। नहर को आफसनगर और मोहम्मदपुर झाल तक देखते हुए गए, पर गंगनहर में कूदे व्यक्ति का कुछ पता नहीं चल पाया। लेकिन सुबह जब गंगनहर में कूदा व्यक्ति घर पहुंचा तो परिवार के लोगों की खुशी ठिकाना नहीं रहा। कोतवाली गंगहर पहुंचकर नहर में कूदकर आत्महत्या करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह किसी बात से परेशान होकर आत्महत्या करने की सोची। जब वह गंगनहर में कूदा और पानी उसके मुंह और नाक में जाने लगा तो वह तैरकर किनारे आ गया। गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति तैरना जानता था। इसी कारण वह जब डूबने लगा तो तैरकर बाहर आ गया। इस तरह का यह पहला मामला उनके सामने आया है।