वकील के खाते से ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इसके फरार साथी की तलाश की जा रही है। आरोपी से 40 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं।
चावमंडी निवासी अमरजीत सिंह एडवोकेट के मोबाइल पर 24 जनवरी को एक फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को बताया था कि वह बैंक का कर्मचारी है। उनका क्रेडिट कार्ड खराब हो गया है। इसे ठीक करने के लिए उसका नंबर और पासवर्ड बताएं। अधिवक्ता उसकी बातों में आ गया और अपना क्रेडिट कार्ड का नंबर आदि बता दिया। नंबर बताने के साथ ही उनके खाते से दो बार में 60 हजार रुपये निकल गए। ठगी का अहसास होते ही उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत बैंक में की और तुरंत क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवा दिया। उसके बाद गंगनहर कोतवाली पुलिस में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जिन खातों में रुपये ट्रांसफर हुए उसकी डिटेल निकलवाई। इससे पता चला कि फरीदाबाद के सिकरी गांव निवासी ईश्वर दयाल नाम के खाता धारक के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर हुए है। जबकि अन्य 20 हजार एक अन्य खाते में ट्रांसफर हुए हैं। गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह के निर्देश पर एसआई प्रमोद कुमार ने पुलिस टीम के साथ फरीदाबाद में आरोपियों की तलाश में दबिश दी। दबिश के दौरान पुलिस ने ईश्वर दयाल को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खाते में 40 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। उसने अपने एक साथी का नाम नीरज निवासी सिकरी, फरीदाबाद बताया। ठग ईश्वर दयाल ने बताया नीरज रुपयों को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करता है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुट गई है।
कस्टमर केयर में दर्ज शिकायत कैसे हुई लीक
अधिवक्ता अमरजीत सिंह ने 21 जनवरी को एक दुकान से कुछ शॉपिंग की थी। इसका भुगतान वह क्रेडिट कार्ड से करना चाहते थे। लेकिन कार्ड काम नहीं कर रहा था। इस पर अधिवक्ता ने इसकी शिकायत संबंधित बैंक के कस्टमर केयर में की। 24 जनवरी को उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि वह बैंक कर्मी है। उनके कार्ड के खराब होने की शिकायत दर्ज है। इसे ठीक करने के लिए कॉल करने वाले कार्ड का नंबर पूछा था। अधिवक्ता को लगा कि शायद उनकी शिकायत पर यह कॉल आई और उन्होंने पूछी गई जानकारी कॉल करने वाले को बता दी। एसएसआई देवराज शर्मा ने बताया कि जो शिकायत बैंक के कस्टमर केयर को दर्ज कराई थी। वह ठगों तक कैसे पहुंची। पुलिस इसकी जांच पड़ताल में जुट गई है।