बुधवार रात से आसमान में छाए बादलों से शहर के लोग जहां गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ गई है। शाम को हल्की बूंदाबांदी होते ही किसानों की धड़कने तेज हो गईं। मौसम के बदले मिजाज को देखकर किसानों ने गेहूं की कटाई तेज कर दी है।
क्षेत्र में इस समय गेहूं की कटाई का जोरों पर काम चल रहा है। अब भी करीब 40 फीसदी गेहूं खेतों में खड़ा हुआ है। वहीं दो दिन से मौसम का मिजाज भी बिगड़ा हुआ है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ी हुई थी। किसान जल्द से जल्द गेहूं की फसल को निपटाना चाहते हैं। इसी बीच बुधवार की शाम को मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया था। वहीं बृहस्पतिवार सुबह तेज धूप निकली तो किसानों ने गेहूं की कटाई का काम जारी रखा। इसी बीच करीब आठ बजे आसमान में बादल छा गए। वहीं करीब नौ बजे तेज हवा शुरू हो गई। तेज हवा का सिलसिला दोपहर करीब एक बजे तक जारी रहा। खानपुर, लक्सर और सुल्तानपुर क्षेत्र में भी गेहूं की फसल खेतों में तैयार खड़ी है। किसान मदन सिंह, कर्म सिंह, महीपाल सिंह, बुद्ध सिंह, कालूराम आदि का कहना है बरसात हुई तो साल भर की कमाई बर्बाद हो जाएगी। दूसरी ओर, बादल छाने से शहरी क्षेत्र में लोगों ने भारी राहत महसूस की। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
आंधी ने बढ़ाई किसानों की मुसीबत
आंधी चलने से थ्रेसिंग का काम प्रभावित हुआ। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल तितर-बितर हो गई। वहीं शाम करीब पांच बजे बूंदाबांदी से कटी हुई फसल में नमी आ गई। नमी के चलते यह गेहूं मशीन में थ्रेसिंग होने लायक नहीं रहा। मौसम बिगड़ता देख कई किसानों ने अतिरिक्त मजदूर लगाकर गेहूं की थ्रेसिंग करवाई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि इस समय बारिश होती है तो गेहूं की फसलों को नुकसान होगा।
रुड़की में छह घंटे की बिजली कटौती
रुड़की। गर्मी के साथ बिजली कटौती ने लोगों का दम निकाल दिया है। लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़कर रख दी है। सुबह होते ही अघोषित बिजली कटौती शुरू हो जाती है, जो रात तक जारी रहती है। बृहस्पतिवार को भी शहर में सुबह ही बिजली कटौती शुरू हो गई थी। इसके बाद सुबह 11 बजे और फिर तीन बजे बिजली गुल हुई। दोपहर में कटौती करीब तीन घंटे तक रही। इस दौरान लोगों को बिजली के साथ ही पानी के संकट का भी सामना करना पड़ा। ऊर्जा निगम की ईई नंदिता अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल बिजली का संकट चल रहा है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार हो जाएगा।
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
उत्तराखंड किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने खानपुर में बैठक कर बिजली कटौती पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने बिजली कटौती बंद न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
पंद्रह दिन से खानपुर और रायसी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति गड़बड़ा गई है। उत्तराखंड किसान मोर्चा की बैठक में खानपुर ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र चौधरी ने कहा कि ऊर्जा प्रदेश होने के बाद भी राज्य में बिजली की कमी हो रही है। ऊर्जा निगम उद्योग को अधिक बिजली सप्लाई कर रहा है और देहात में पंद्रह घंटे रोस्टिंग की जा रही है। बिजली कटौती से गेंहू की कटाई में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा निगम यदि रोस्टिंग करेगा तो किसान भी आधा बिल देंगे। इस अवसर पर सतवीर सिंह, बृजेश कुमार, प्रदीप कुमार एडवोकेट, सुशील चौधरी, सुधीर चौधरी आदि अनेक मौजूद रहे। खानपुर ऊर्जा निगम के एसडीओ विवेक गुप्ता ने बताया कि नियमानुसार ऊपर से रोस्टिंग की जा रही है। जल्दी व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।