रुड़की। संत निरंकारी मिशन की देखरेख में शुक्रवार को आसफनगर के प्राथमिक विद्यालय में निरंकारी संत समागम आयोजित किया गया। इसमें नई टिहरी से पहुंचीं ज्ञान प्रचारिका बहन नीलम नेगी ने सतगुरु का संदेश देते हुए कहा कि संसार में लोगों की भाषा, वेशभूषा और जीवनशैली अलग हो सकती है, लेकिन सभी के भीतर चेतना एक ही है। उन्होंने कहा कि सभी परमात्मा की संतान हैं और प्रेम के सूत्र में बंधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को जीवन में उतारने का संदेश देता है। प्रेम केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली है।
रुड़की ब्रांच मुखी सागर कुकडेजा ने बताया कि 79वां वार्षिक निरंकारी संत समागम 23 से 26 अक्टूबर तक संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा, हरियाणा में आयोजित होगा। इसमें देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संत समागम का विषय जागृति है। इसका उद्देश्य मनुष्य को बाहरी संसार से हटकर अपने भीतर झांकने और वास्तविक स्वरूप को पहचानने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि सच्ची जागृति हर परिस्थिति में प्रभु-स्मरण से जुड़े रहने और प्रेम, सेवा व मानवता के भाव को अपनाने में है।