ग्राम टोड़ा कल्याणपुर की ऐतिहासिक श्रीरामलीला में श्रीराम और हनुमान जी के मिलन का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस दौरान हनुमान की ओर से प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को अपने कंधों पर बैठाकर सुग्रीव से मिलवाने का प्रसंग भी दिखाया गया। वहीं आज, रामलीला में लंका दहन का रोमांचकारी मंचन होगा।
मंचन में दिखाया गया कि माता सीता की खोज करते हुए प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण ऋष्यमूक पर्वत के पास पहुंचते हैं। यहां हनुमान जी ब्राह्मण का वेश धारण कर दोनों भाइयों से मिलते हैं। प्रभु श्रीराम के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान होते ही हनुमान जी उनके चरणों में नतमस्तक हो जाते हैं। इसके बाद वह दोनों भाइयों को सुग्रीव के पास ले जाते हैं, जहां श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। रामलीला मैदान जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान हनुमान जी के समर्पण और सेवाभाव के साथ श्रीराम-सुग्रीव की मित्रता का संदेश भी दिया गया।
साधु के वेश में आए रावण ने किया सीता हरण,
रुड़की। देवभूमि श्रीराम धार्मिक एवं सांस्कृतिक ट्रस्ट की ओर से आयोजित 17वें रामलीला महोत्सव के आठवें दिन सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। अशोक नगर स्थित बूचड़ी फाटक के मैदान में मंचित प्रसंग में रावण साधु का वेश धारण कर भिक्षा मांगने पहुंचता है और छलपूर्वक माता सीता का हरण कर लेता है। लीला की शुरुआत रावण और मारीच के संवाद से हुई। रावण के कहने पर मारीच सोने के हिरण का रूप धारण करता है। हिरण को देखकर माता सीता श्रीराम से उसे पकड़ने का आग्रह करती हैं। इसके बाद मारीच की आवाज सुनकर लक्ष्मण कुटिया से चले जाते हैं। इसी बीच रावण सीता का हरण कर लेता है। ट्रस्ट के संस्थापक अर्जुन सिंह तड़ियाल, संरक्षक राजेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष विक्रम कुलाश्री और महासचिव जगदीश सिंह नेगी ने बताया कि रामलीला देखने के लिए लगातार बड़ी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं। इस दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।
आज होगा रावण-अंगद संवाद, कालनेमि -कुंभकर्ण वध
लंढौरा। कस्बे के रंगमहल मैदान में चल रही रामलीला में लंका दहन का रोमांचक मंचन किया गया। हनुमान के लंका पहुंचने, माता सीता से भेंट करने और रावण की सोने की लंका जलाने के प्रसंग ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। रामलीला समिति के अनुसार, आज रावण-अंगद संवाद, लक्ष्मण शक्ति, कालनेमि वध और कुंभकर्ण वध के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। लीला में दिखाया गया कि माता सीता की खोज में लंका पहुंचे हनुमान अशोक वाटिका में उनसे मुलाकात करते हैं। इसके बाद रावण के सैनिक उन्हें पकड़कर दरबार में पेश करते हैं। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाती है। हनुमान जइसी आग से पूरी लंका में आग लगा देते हैं और वापस श्रीराम के पास लौट जाते हैं। इस दौरान इलमसिंह प्रजपति, अनिल प्रजापति, विनोद कुमार, अनिल नायक, राहुल धीमान, रजत नायक, राहुल नायक आदि मौजूद रहे।
भरत मिलाप के मंचन देख दर्शक द्रवित
बुग्गावाला। ग्राम बिहारीगढ़ में श्री रामकृष्ण लीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला में भरत मिलाप की लीला का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। शनिवार को रामलीला में लंका दहन की लीला का मंचन किया जाएगा। रामलीला में राजा दशरथ के निधन के बाद भरत के भगवान श्रीराम से मिलने जाने का प्रसंग दिखाया गया। निषादराज ने भरत और भगवान श्रीराम का मिलन कराया। भरत की भूमिका निभाने वाले कलाकार कैलाश के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद भगवान श्रीराम के पंचवटी में कुटिया बनाकर रहने और वहां रावण की बहन सूपर्णखा के पहुंचने का प्रसंग भी प्रस्तुत किया गया। कलाकारों के मंचन ने दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से जोड़ दिया। कार्यक्रम में कुलदीप चौहान, बिजेंद्र चौहान, खेड़ा कमेटी के पदाधिकारी राम रतन जायसवाल और अश्वनी मित्तल सहित अन्य लोगों ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी। इस अवसर पर ग्राम प्रधान संजय सैनी, बाबू बृजकिशोर गोयल, सुशील सैनी, नितिन गोयल, संदीप वर्मा, अशोक सैनी, बरुवा कांबोज सहित रामलीला कमेटी के अनेक पदाधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद