श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी के समर्थन में उनके शिष्य दहियाकी शिव मंदिर के महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने घोषणा की कि जब तक उनके गुरु और सनातन धर्म के हितों की रक्षा सुनिश्चित नहीं होती, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
अनशन पर बैठे महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी ने कहा कि उनके गुरु नरसिंहानन्द गिरी और डॉ. उदिता त्यागी डासना देवी मंदिर में पहले से ही अनशन पर हैं। महंत ने इस कानून के पीछे एक गहरे अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र का दावा किया। महंत का आरोप है कि यह कानून हिंदुओं को आपस में लड़ाकर जातीय युद्ध की ज्वाला में झोंकने की साजिश है।
उन्हाेंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कि धामी ने लैंड जिहाद और लव जिहाद पर अंकुश लगाकर देवभूमि की संस्कृति बचाई है। यदि यूजीसी कानून वापस नहीं हुआ तो हमारे सनातनी हिंदू ही नहीं, बहन-बेटियां भी नहीं बचेंगी। इस मौके पर कोकिलानंद गिरी, चौधरी अनुज बेनिवाल, प्रदीप धीमान, प्रदीप चौधरी आदि मौजूद रहे।