रुड़की। गणेशपुर पुल चौक पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के शिलापट्ट को लेकर हुए विवाद के बाद शिलापट्ट बदलकर विधायक देशराज कर्णवाल और विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का नाम लिख दिया गया है, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब शिलापट्ट पर विधायक हाजी फुरकान अहमद का नाम न होने से विवाद ने फिर से तूल पकड़ लिया है। इससे लगता है नेता शिलापट्ट के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं।
रविवार को गणेशपुर पुल चौक पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने किया था। इस दौरान झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल के प्रतिनिधि एवं नामित पार्षद सतीश शर्मा ने शिलापट्ट पर विधायक का नाम न होने पर हंगामा कर दिया था। उन्होंने मेयर गौरव गोयल पर रातों रात विधायक के नाम पर अपना नाम लिखवाने का आरोप लगाया था। इस मामले में मुख्य नगर आयुक्त नुपूर वर्मा ने अवर अभियंता का स्पष्टीकरण तलब किया था। विवाद बढ़ा तो मंगलवार को नगर निगम की ओर से प्रतिमा के शिलापट्ट बदल दिया गया। इस पर विधायक प्रदीप बत्रा के अलावा मेयर गौरव गोयल, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल व खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का नाम लिखा गया है, लेकिन मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस की ओर से सवाल पूछा गया कि जब नगर निगम चार विधानसभा क्षेत्र से मिलकर बना है तो शिलापट्ट पर भाजपा के ही तीन विधायकों के नाम क्यों हैं? नियमानुसार कलियर विधायक फुरकान अहमद का नाम भी शिलापट्ट पर होना चाहिए। उधर, विधायक फुरकान अहमद का कहना है कि भाजपा के नेताओं को नाम की तो जरूरत है, लेकिन काम करने की नहीं। कहा कि वह नाम नहीं काम पर विश्वास करते हैं।