किसानों ने केंद्र सरकार के बजट में सरकार को जमकर घेरा
रुड़की। किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने केंद्र के बजट को जमकर घेरा है। उन्होंने कहा कि खाद और बिजली इत्यादि में कोई भी सब्सिडी किसान को नहीं दी गई है। किसान की आय दोगुनी करने का वादा भी बजट में पूरा नहीं हो पाया है। किसान संगठनों ने बजट को सिरे से नकारते हुए इसे ऊंट के मुंह में जीरा करार दिया है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना, पीएम फसल बीमा योजना आदि को भी सरकार ने अनदेखा कर दिया है।
सरकार ने इस बजट में हाई वैल्यू फसलों पर खास जोर दिया है जबकि कम लागत की फसल को कोई भी राहत नहीं मिली है। किसान के लिए राज्य और केंद्र का बजट पूरी तरफ फेल साबित हुआ है। - गुलशन रोड, उत्तराखंड किसान मोर्चा, राष्ट्रीय अध्यक्ष
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को पहले की तरह ही रखा गया है। खेती के लिए सस्ता कर्ज और लंबी अवधि के लिए आसान किस्त की भी मांग की कोई सीधी घोषणा नहीं हुई है।
पदम सिंह रोड, भारतीय किसान यूनियन (रोड), राष्ट्रीय अध्यक्ष
नारियल, काजू और चंदन जैसी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों को नहीं बल्कि उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया गया है। सरकार को अपने बजट में हर वर्ग के अन्नदाताओं का खास ख्याल रखना चाहिए था। - राकेश लोहान, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) जिला प्रवक्ता
सरकार ने पशुपालकों के लिए भी स्कीम देने की घोषणा की है, लेकिन अब यह घोषणा कब पूरी होगी यह भी कुछ कहा नहीं जा सकता है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना, पीएम फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड आदि योजना पर कोई भी घोषणा नहीं की गई है। - संजीव कुशवाहा, भारतीय किसान यूनियन (रोड), प्रदेश अध्यक्ष