गंगा नदी भले ही तीन दिन से चेतावनी निशान से नीचे बह रही है, लेकिन तीन दिन से लगातार गंगा नदी उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला गांव के सामने तटबंध में कटाव कर रही है। शनिवार की रात में तटबंध के किनारे स्थित काली मां का मंदिर गंगा में समा गया। इसके साथ ही गांव के लोगों का संपर्क बिजनौर और लक्सर तहसील से कट गया है। इससे ग्रामीणों केे खाने पीने की चीजों का भी संकट पैदा हो गया है।
तीन दिन से गंगा नदी चेतावनी निशान 293 मीटर से नीचे बह रही है, लेकिन इसके बावजूद गंगा नदी रामसहायवाला गांव के सामने कटाव करते हुए बह रही है। इसके चलते आधे से ज्यादा तटबंध गंगा में समा गया है। शनिवार की रात में कटाव के कारण तटबंध किनारे स्थित काली देवी का मंदिर भी गंगा नदी में समा गया। रामसहायवाला के ग्राम प्रधान श्याम लाल ने बताया कि गंगा में पानी बहाव के चलते रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांव के ग्रामीणों का बिजनौर और लक्सर तहसील से संपर्क कटा हुआ है। इससे लोगों के सामने खाने पीने का संकट पैदा होने लगा है। वहीं दो साल से डुमनपुरी से लेकर रामसहायवाला तक का तटबंध तीन जगह से ध्वस्त पड़ा है। इसी तटबंध को रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांव के ग्रामीण मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते थे। कई वर्ष पहले गंगा नदी किनारे क्षेत्र के डुमनपुरी से लेकर उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला तक बना दस किलोमीटर लंबा तटबंध का निर्माण उत्तराखंड सरकार ने कराया था। इसकी मरम्मत का जिम्मा उत्तराखंड सिंचाई विभाग के पास है, लेकिन तीन दिन से कटाव होने के बाद भी अब तक सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी व कर्मचारी सुध लेने नहीं पहुंचा है।
उत्तराखंड में शामिल करने की कर चुके मांग
उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला व हिम्मतपुर बेला गांव से लक्सर तहसील मुख्यालय नजदीक है, लेकिन यह दोनों गांव उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में आते हैं। कुछ दिन पहले रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांव के ग्रामीणों ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर दोनों गांव को उत्तराखंड में शामिल करने की मांग की थी। हालांकि इस मांग पर अभी कोई अमल नहीं किया गया है।
रामसहायवाला गांव में जहां तटबंध में कटाव हो रहा है। वहां तक कच्चा रास्ता है, लेकिन इन दिनों बाढ़ का पानी भरा हुआ। इसके चलते वहां तक तटबंध की मरम्मत के लिए सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। हालांकि विभाग के जेई को आज वहां निरीक्षण के लिए भेजा गया है। अगर वहां कच्चा माल मिलता है तो तटबंध की मरम्मत शुरू करा दी जाएगी।
-- इंदर कुंवर, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग
उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांव लक्सर तहसील के नजदीक है। बिजनौर के उपजिलाधिकारी से बात करके हर संभव सहायता ग्रामीणों को दी जाएगी।
-- पूरन सिंह राणा, एसडीएम, लक्सर
दोनों गांव के ग्रामीणों के साथ पूरी तरह संपर्क में हूं। कुछ समय पहले पशुओं में टीकाकरण कराया गया है। तहसील के एक लेखपाल की ड्यूटी भी वहां लगाई गई है। ग्रामीणों को किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी।
-- बृजेश कुमार, एसडीएम, बिजनौर सदर