इकबालपुर शुगर मिल में आगामी पेराई सत्र की तैयारियों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। मिल में मशीनों की मरम्मत का कार्य अब तक शुरू नहीं होने से इस वर्ष भी पेराई सत्र शुरू होने पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्रीय गन्ना किसानों को मिल गेट पर गन्ना आपूर्ति की सुविधा से वंचित रहना पड़ सकता है।
2024-25 में इकबालपुर शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू नहीं हो पाया था। इसके कारण क्षेत्र के किसानों को लिब्बरहेड़ी और लक्सर चीनी मिलों के तौल केंद्रों पर गन्ना आपूर्ति करनी पड़ी थी। किसानों के गन्ने की ढुलाई का खर्च भी काटा गया था जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। मिल गेट पर गन्ना आपूर्ति होने से किसानों को ढुलाई खर्च नहीं देना पड़ता है और तौल केंद्रों की अपेक्षा फसल का अधिक दाम मिल पाता है।
आगामी पेराई सत्र को लेकर किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनका बकाया भुगतान मिलने के साथ मिल का संचालन भी शुरू हो जाएगा। हालांकि, मिल में मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पेराई सत्र शुरू होने का समय भी नजदीक आ चुका है। इकबालपुर गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मिल का पेराई सत्र शुरू कराने और किसानों का बकाया भुगतान दिलाने के संबंध में मिल प्रबंधन को कई पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद मिल प्रबंधन की ओर से पेराई सत्र शुरू करने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।