- 1.14 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की गई इस बार चीनी मिल में
लक्सर। सात नवंबर से आरंभ हुआ लक्सर चीनी मिल का पेराई सत्र बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। चीनी मिल ने इस बार डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा था। हालांकि मिल इस बार पिछले पेराई सत्र के मुताबिक करीब 35 लाख क्विंटल कम गन्ने की पेराई कर सकी।
अतिवृष्टि से इस बार खादर क्षेत्र में गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। इसका असर मिलों को होने वाली गन्ना आपूर्ति पर भी नजर आया। पूरे पेराई सत्र के दौरान चीनी मिलें गन्ने की कमी से जूझती रहीं। यह स्थिति तब रही जब जनपद की तीन चीनी मिलों में एक इकबालपुर चीनी मिल इस बार बंद रही। सात नवंबर से आरंभ हुए पेराई सत्र के दौरान मिल ने इस बार डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा था। प्रधान गन्ना प्रबंधक डॉ. बी एस तोमर ने बताया कि इस बार मिल ने करीब 1.14 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की है। पिछले पेराई सत्र में मिल ने 1.49 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। मिल के यूनिट हेड एसपी सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार 35 लाख क्विंटल कम गन्ने की पेराई हुई है। मिल प्रबंधन 20 फरवरी तक किसानों को 384.15 करोड़ का गन्ना भुगतान कर चुका है। उन्हाेंने बताया कि पिछले कई दिनों से मिल में रोजाना 14 से 16 घंटों तक नो केन की स्थिति बन रही थी। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए दो बार पेराई सत्र समाप्ति की तिथि को आगे भी बढ़ाया गया। मिल क्षेत्र में लगभग पूरे गन्ने की पेराई की जा चुकी है। विधिवत नोटिस जारी करने के बाद बृहस्पतिवार को पेराई सत्र समाप्त हो गया।