- आठ किमी का चक्कर काटने को मजबूर हैं ग्रामीण, इमरजेंसी सेवाओं पर संकट, एंबुलेंस भी बेबस
मंगलौर। दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर नजरपुरा के पास हाईवे प्रशासन की ओर से कट बंद किए जाने से क्षेत्र के करीब 12 से अधिक गांवों के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए आठ किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है जिससे समय और धन दोनों की बरबादी हो रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नजरपुरा कट आस-पास के दर्जनों गांवों को जोड़ने का मुख्य बिंदु था। कट बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित स्कूली छात्र और वाहन चालक हो रहे हैं। स्कूली बस संचालकों का कहना है कि उन्हें लंबा चक्कर काटकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है जिससे स्कूल के लिए देरी हो जाती हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह समस्या केवल आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को भी लिब्बरहेड़ी हाईवे से घूमकर अस्पताल आना पड़ रहा है। इससे मरीजों की जान पर जोखिम बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि कट बंद करने से पहले स्थानीय आबादी की जरूरतों का ध्यान नहीं रखा गया। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया और वैकल्पिक मार्ग या कट नहीं खोला गया, तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
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हाइवे प्रशासन ने ग्रामीणों की सुविधा को ताक पर रखकर यह कट बंद कर दिया हैं। दर्जनों गांवों के लोगों के लिए यह मुख्य रास्ता था। अब हमें छोटे से काम के लिए भी लंबा सफर तय करना पड रहा हैं। बुजुर्गों व बीमारों के लिए इतनी दूर का चक्कर काटना बेहद कष्टकारी हैं। - नौशाद अंसारी
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गांव की महिलाओं को बाजार जाने या बच्चों को अस्पताल ले जाने के लिए अब घंटों ऑटो का इंतजार करना पड़ता हैं। पहले जो दूरी 10 मिनट में तय हो जाती थी, अब उसके लिए पूरा दिन खराब होता हैं। प्रशासन को इस समस्या का संज्ञान लेना चाहिए। डाॅ. रुक्कया शकील
कट के बंद हो जाने से स्कूली बसों का रूट काफी लंबा हो गया हैं। बच्चों को सुबह आधा घंटा पहले घर से निकलना पड़ता है और शाम को घर पहुंचने में भी देरी हो रही हैं। लंबे चक्कर की वजह से ईंधन का खर्च भी बढ़ गया हैं, जिसका बोझ अभिभावकों पर ही पड़ेगा। प्रदीप कुमार
स्कूली वाहन हो या निजी गाड़ियां सभी को कट बंद होने से परेशानी हो रही है। क्षेत्र के छोटे दुकानदारों का काम भी प्रभावित हुआ हैं। प्रशासन को चाहिए कि यहां अंडरपास या कोई वैकल्पिक कट दिया जाए ताकि राहगिरों को राहत मिल सके। - मोहम्मद नदीम