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बिना चिकित्सक के शहर का सबसे बड़ा अस्पताल!

Wed, 01 Mar 2017 09:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
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राजकीय संयुक्त चिकित्सालय रुड़की में पहले ही चिकित्सकों का टोटा बना हुआ है। अब बुधवार से पांच संविदा चिकित्सकों का कार्यकाल समाप्त होने से अस्पताल प्रबंधन और मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थिति यह है कि बुधवार को चिकित्सकों के अभाव में सैकड़ों मरीज बिना उपचार के बैरंग लौट गए। मात्र दो चिकित्सक ही ओपीडी में नजर आए, जबकि अस्पताल में स्वीकृत चिकित्सकों के पद 31 है। इसके एवज में 11 चिकित्सक तैनात हैं। मालूम हो कि  रुड़की सिविल अस्पताल शहर का सबसे बड़ा अस्पताल है, जहां दूरदराज के क्षेत्रों से भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं।
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चिकित्सकों की कमी से सिविल अस्पताल रुड़की में मरीजों की समस्या बढ़ गई है। अस्पताल में संविदा पर कार्यरत वरिष्ठ सर्जन डा. जेपी नैयर, आर्थोसर्जन डा. मोहम्मद अफजल, रेडियोलाजिस्ट डा. एएन सक्सेना, साइकोलाजिस्ट डा. किरन वर्मा और डा. नीतिश का कार्यकाल 28 फरवरी को खत्म हो गया। ऐसे में पांचों चिकित्सक एक मार्च को अस्पताल नहीं आए। इसके अलावा आर्थोपेडिशियन डा. पीके दुबे और डेंटिस्ट डा. नीना सैनी, गाइनाकालोजिस्ट डा. अरुणा डबराल सहित कई अन्य चिकित्सक छुट्टी पर रहे। अस्पताल में तैनात सर्जन डा. प्रणम भी बुधवार को ओटी में रहे। इससे अस्पताल की अधिकांश ओपीडी खाली रही। सिविल अस्पताल में बुधवार को वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डा. एके मिश्रा और ईएनटी विशेषज्ञ डा. टी खान ओपीडी में उपस्थित रहे। अस्पताल में आर्थोपेडिक्स, सर्जन, डेंटिस्ट सहित अधिकांश चिकित्सकों के ओपीडी में नहीं होने से बड़ी संख्या में मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। उपचार नहीं मिलने से परेशान लोग सीएमएस के पास पहुंचे, लेकिन पता चला कि वे आपरेशन थियेटर में हैं। ऐसे में लोगों को मजबूरी में लौटना पड़ा।

अल्ट्रासाउंट के लिए भी भटकते रहे मरीज
सिविल अस्पताल रुड़की में संविदा पर तैनात रेडियोलाजिस्ट एएन सक्सेना का कार्यकाल भी 28 फरवरी को खत्म हो गया। ऐसे में एक मार्च से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड भी ठप हो गया। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भी मरीज बुधवार को घंटों भटकते रहे। मजबूरी में मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ा।
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क्या कहते हैं सीएमएस
संविदा पर तैनात चिकित्सकों की सेवा विस्तारीकरण के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से निर्देश जारी होने के बाद संविदा चिकित्सकों की दुबारा से तैनाती हो सकेगी।
.......डा. संजय कंसल, सीएमएस, सिविल अस्पताल रुड़की

क्या कहते हैं डीजी हेल्थ
स्वास्थ्य महानिदेशक डा. डीएस रावत का कहना है कि सभी अस्पतालों से संविदा पर तैनात चिकित्सकों के कार्यों के संबंध में रिपोर्ट आती है। इसके बाद ही नवीनीकरण किया जाता है। उन्होंने जल्द ही समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया।

अस्पताल में ये डाक्टर हैं तैनात
सीएमएस डा. संजय कंसल, बालरोग विशेषज्ञ डा. एके मिश्रा, ईएनटी विशेषज्ञ डा. टीखान, सर्जन डा. प्रणम, आर्थोपेडिक्स डा. पीके दुबे, पैथोलाजिस्ट डा. रजत सैनी, गाइनोकालाजिस्ट डा. अरुणा डबराल, नेत्ररोग विशेषज्ञ डा. एमएस खाती एवं तीन महिला चिकित्साधिकारी डा. अरुणा, डा. निशा और डा. दीपा।

अस्पताल में बढ़ी बच्चों की संख्या
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चा रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। चिकित्सकों के अनुसार खांसी-जुखाम आदि की समस्याओं को लेकर अभिभावक बच्चों को उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अकेले चिकित्सा प्रभारी डा. विक्रांत सिरोही बच्चों एवं बड़ों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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