शहर के नर्सिंग होम में जल्द ही आप स्वाइप मशीन से भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए कई निजी अस्पतालों में पीओएस मशीन लगाई जा चुकी है, जबकि कुछ में अभी लगनी शेष है। अधिकांश नर्सिंग होम संचालकों और चिकित्सकों ने इसके लिए बैंकों में आवेदन किया है, लेकिन मशीन की कमी आड़े आ रही है।
नोटबंदी के बाद से शहर के अधिकांश अस्पतालों में भुगतान को लेकर समस्या आ रही है। अधिकांश चिकित्सकों की ओर से नकद भुगतान की मांग की जा रही है, जबकि बैंकों से पैसे नहीं मिलने के कारण मरीज और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर कई बार चिकित्सकों और मरीजों के तीमारदारों में विवाद भी हो चुका है। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। ऐसे में अब अधिकांश निजी अस्पताल संचालक और चिकित्सक स्वाइप मशीन के लिए आगे आ रहे हैं। कुछ निजी अस्पतालों में स्वाइप मशीन लगाई भी जा चुकी, जबकि अधिकांश ने इसके लिए आवेदन कर दिया है, लेकिन बैंकों में मशीन उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में एसबीआई के मुख्य प्रबंधक जयशंकर के अनुसार काफी संख्या में चिकित्सकों ने स्वाइप मशीन के लिए आवेदन किया है, लेकिन फिलहाल उपलब्ध नहीं है। स्वाइप मशीन के लिए डिमांड भेजी गई है। उपलब्ध होने पर प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सकों को उपलब्ध कराई जाएगी।