आर्ट आफ लिविंग की ओर से आयोजित सात दिवसीय शिविर में सात से 13 वर्ष तक के बच्चों ने योग और ध्यान की बारीकियां सीखीं। साथ ही विशेषज्ञों ने बच्चों संग अभिभावकों को बेहतर जीवनशैली के टिप्स दिए।
गंगनहर कोतवाली समीप स्थित सत्यनारायण मंदिर में आयोजित शिविर में आर्ट आफ लिविंग के शिक्षक शलभ अग्रवाल ने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वह प्रतिदिन कम से कम एक घंटा अपने बच्चों के लिए अवश्य निकालें। साथ ही प्रतिदिन एक समय का भोजन सपरिवार साथ करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि माता-पिता ही बच्चे का प्रथम शिक्षक होता है। वहीं से उसे बेहतर शिक्षा मिल सकती है।
उन्हें देखकर परिवार के आचार-विचार और संस्कार का अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे पहले 14 से 19 जून तक चले शिविर में बच्चों को खेल-खेल में योग प्राणायाम और ध्यान की शिक्षा दी गई। अच्छे संस्कारों से भी रूबरू कराया गया। बच्चों को संगीत, आर्ट, खेलकूद, नाटक मंचन, स्टेज शो आदि का भी प्रशिक्षण दिया गया। शिविर के संयोजक डा. अमेंद्र शर्मा और डा. नवीन शर्मा ने बताया कि 26 जून से दुबारा अभिभावकों के लिए शिविर का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से शिविर में हिस्सा लेने का आह्वान किया।