कलियर में लगभग 35 करोड़ की लागत से बनने वाले यूनानी मेडिकल कालेज की राह आसान हो गई है। सरकार की ओर से इसके लिए पहली किस्त जारी होने से अब निर्माण कार्य शुरू होने की आस जगी है। इससे न सिर्फ कलियर बल्कि आसपास के क्षेत्रों को स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही बीयूएमएस करने का मौका मिलेगा। अब तक युवाओं को बीयूएमएस करने के लिए निजी संस्थानों या फिर अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है।
राज्य सरकार की ओर से पिरान कलियर और हल्द्वानी में दो मेडिकल कालेज बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इससे पहले कलियर में धार्मिक स्थल होने के कारण पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने क्षेत्रीय विधायक फुरकान अहमद के प्रस्ताव पर एक यूनानी मेडिकल कालेज की घोषणा की थी, जिसका लंबे समय से क्षेत्रवासियों को इंतजार है। बीते रोज हल्द्वानी और कलियर में यूनानी मेडिकल कालेज के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई। इससे कलियर में क्षेत्रवासियों को जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की आस जगी है।
मालूम हो कि इससे पहले यूनानी मेडिकल कालेज के लिए कलियर में खाली पड़ी सीलिंग की जमीन आवंटित की गई थी। कुछ माह पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसका शिलान्यास भी किया था। क्षेत्रीय विधायक फुरकान अहमद का कहना है कि यूनानी मेडिकल कालेज का इस्टीमेट करीब 35 करोड़ रुपये का है। जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। कलियर में यूनानी मेडिकल कालेज बन जाने से स्थानीय युवाओं को बीयूएमएस की डिग्री हासिल करने के अवसर बढ़ जाएंगे। साथ ही रोजगार के भी नए अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही जड़ी बूटियों और औषधीय महत्व की वनस्पतियों की उपलब्धता का जनता को फायदा मिलेगा।