मेहंदी डोरी की रस्म के साथ ही साबिर पाक के 755वें सालाना उर्स का शनिवार को आगाज हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद उमड़े। मेहंदी डोरी की रस्म नमाज ईशा रात 10 बजे अदा की गई। हर तरफ साबिर पाक की दीवानगी छा गई।
कलियर दरगाह साबिर पाक का 755वां सालाना उर्स मेहंदी डोरी की रस्म के साथ शुरू हो गया है। शनिवार शाम को चांद दिखाई देने के बाद रात 10 बजे दरगाह साबिर पाक के सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी कुद्दुसी, शाह यावर एजाज साबरी और उनके परिवार व खास मुरीद दरगाह साबिर पाक से अल्लाहु अकबर की सदाओं के साथ कलियर पुराने घर पहुंचे। यहां से मेहंदी, डोरी की थाल, संदल और प्रसाद लेकर अल्लाहु अकबर का हल्का करते हुए सूफियाना कव्वालियों के साथ दरगाह साबिर पाक पहुंचे। इसके बाद सज्जादानशीन ने दरगाह साबिर पाक में मेहंदी डोरी और संदल पेश किया। साथ ही देश में अमनोअमान की दुआ की गई। कव्वालों ने कलाम पेश किए। इस मौके पर शाह खालिक मियां, शाह सुहैल, दरगाह पानीपत के सज्जादानशीन हाफिज मैराज साबरी, शाह यावर अली, शाह गाजी, राजी मियां, शाह असद साबरी आदि मौजूद रहे।
जायरीनों की उमड़ी भीड़
मेेहंदी डोरी मजार शरीफ में पेश करने के वक्त जायरीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। मशक्कत के बाद करीब 100 जायरीन ही साबिर पाक के मजार शरीफ के अंदर जा सके। मेहंदी डोरी की रस्म में शामिल होने के लिए पंजाब, दिल्ली, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर सहित अन्य स्थानों से जायरीन कलियर पहुंचे।
ये हैं उर्स की मुख्य रस्म-
16 सितंबर को मेहंदी डोरी की रस्म के साथ उर्स का आगाज
27 सितंबर को छोटी रोशनी
28 सितंबर को बड़ी रोशनी (ईदमिलादुन्नबी)
29 सितंबर को कुल शरीफ
30 सितंबर को गुस्ल शरीफ
एक अक्तूबर को नातिया मुशायरा
तीन अक्तूबर को दरगाह शरीफ में दुआ के साथ उर्स संपन्न।