दूषित पानी की निकासी के विवाद में युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने खारिज कर दी है। पीड़ित पक्ष की ओर से पांच आरोपियों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि वादी मेहरबान निवासी ग्राम रणसुरा ने लक्सर कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया था कि नौ जनवरी को उनका बेटा फारुख गांव में अपनी आटा चक्की पर बैठा हुआ था। इस दौरान आरोपी फैयाज ने नाली में मिट्टी डालकर दूषित पानी की निकासी आम रास्ते की ओर कर दी।
फारुख ने इसका विरोध किया तो आरोपी फैयाज, लियाकत, जव्वाद, जुनैद और साहिल ने उस पर लाठी-डंडे व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में फारुख के सिर की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। गंभीर अवस्था में उसे पहले रुड़की और फिर हरिद्वार अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में आरोपी जव्वाद की ओर से आरोपों को निराधार बताते हुए न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वादी के पुत्र पर हमला किया। इसमें उसकी जान जा सकती थी। उन्होंने अपराध को गंभीर श्रेणी का बताते हुए अग्रिम जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।