कलियर-रुड़की मार्ग पर स्थित 164 साल पुराना जीर्णशीर्ण पुल एकबार फिर से भारी वाहनों के लिए खोल दिया गया है। स्थिति यह है कि पुल के दोनों तरफ बड़े-बड़े पेड़ जमा हैं और नीचे की तरफ दरारें भी पड़ रही हैं। इसके बावजूद बिना मरम्मतीकरण के दोबारा से पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इससे पहले गुपचुप तरीके से भारी वाहनों की रोकथाम के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग भी तोड़ दी गई। इसके बाद पुल से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में खनन से भरे वाहन और अन्य भारी वाहन दौड़ रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से सुध नहीं ली जा रही है।
रुड़की नगर निगम पुल से करीब एक किलोमीटर दूर कलियर मार्ग पर स्थित सोलानी पुल पर पिछले दस साल से अधिक समय से भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी। इसके लिए पुल के पास ही मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाकर इसे संकरा कर दिया गया था, ताकि भारी वाहन प्रवेश ही नहीं कर सकें। इसके अलावा वहां पर जगह-जगह भारी वाहनों के लिए पुल प्रतिबंधित है का बोर्ड भी लगाया गया है, जो आज भी अंकित है। पुल पर उगे पेड़ और घास 164 साल पुराने जर्जर पुल के हालात बयां करने के लिए काफी है, इसके बावजूद प्रशासन की हीलाहवाली से इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही खोल दी गई है। लगभग दो माह पहले गुपचुप तरीके से बैरीकेडिंग को तोड़ दिया गया। इसके बाद इस पर भारी वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई।
स्थिति यह है कि प्रतिदिन सुबह के समय यहां से सैकड़ों खनन से लदे वाहन गुजर रहे हैं। इसके अलावा दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। इसमें स्कूलों की बसें भी शामिल हैं, लेकिन खतरे के बावजूद पुलिस प्रशासन और संबंधित विभाग ने चुप्पी साध रखी है। अगर यही हाल रहा तो किसी दिन यह पुल हादसे का सबब बन सकता है।
यूपी सिंचाई विभाग की सुनिए
रुड़की-कलियर मार्ग पर बना सोलानी एक्वाडक्ट 1852 में बनकर तैयार हुआ था। इसे बने करीब 164 साल हो गए हैं। पुराना होने के कारण पुल जर्जर हो चुका है। करीब दस साल पहले इस पर आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। इसके लिए मार्ग के बीच में बैरिकेडिंग भी लगाई गई थी, जिसे किसी ने हटा दिया है। इसके बावजूद पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए कई बार स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखा गया है।
-सीबी यादव, अधिशासी अभियंता, यूपी सिंचाई विभाग उत्तरी खंड गंगनहर
क्या कहते हैं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद करने से यातायात की समस्या और गंभीर हो सकती है। विभाग की ओर से पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित नहीं की गई है। बोर्ड लगाने से वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित नहीं हो जाती। वहां संभलकर चलने की बात कही गई है भारी वाहनों की आवाजाही बैन नहीं है। अगर विभाग की ओर से लिखकर दिया जाएगा कि पुल सिर्फ छोटे वाहनों के लिए है और भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित हैं तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
-मयूर दीक्षित, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की