चमोली के पुरसाड़ी जेल के तत्कालीन जेलर कर्मराज सिंह चौहान पर चौथ वसूली के मामले में केस दर्ज होने के बाद अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। ऐसे में वह जल्द ही कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस की ओर से उन्हें जल्द सरेंडर करने का अल्टीमेटम भी दिया गया है।
चमोली की पुरसाड़ी जेल में बंद कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि की ओर से रुड़की में डेयरी कारोबारी को फोन से चौथ वसूली की धमकी दी गई थी। पीड़ित की ओर से दी गई तहरीर के बाद 12 नवंबर को केस दर्ज किया गया। साथ ही मामले की जांच में संबंधित मोबाइल नंबर जेलर का ही पाया गया। पहले तो पुलिस जेलर पर हाथ डालने से बचती रही, लेकिन बाद में उसे बयान दर्ज कराने के लिए 23 नवंबर को गंगनहर कोतवाली तलब किया गया। साथ ही एसआई प्रमोद कुमार को विवेचनाधिकारी नियुक्त किया गया। पूछताछ और जांच के बाद प्रथम दृष्ट्या जेलर की संलिप्तता सामने आने पर एफआईआर में उसका नाम भी शामिल किया गया।
अब पुलिस ने उस पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। साथ ही जल्द ही सरेंडर नहीं करने पर गिरफ्तारी की चेतावनी दी है। इससे पहले आरोपी जेलर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी उसे निराशा ही हाथ लगी। ऐसे में अब आरोपी जेलर का जेल जाना लगभग तय है।