सीमा पर पुलिस वाहनों की चेकिंग करते हुए
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कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए हरिद्वार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते हाईवे पर सोमवार को दिनभर जाम लगा रहा। रूट डायवर्ट करने के बाद भी हाईवे पर दिनभर वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। पुलिस प्रशासन की मशक्कत के बाद भी शहर और कस्बों के मार्गों पर भी लोगों को जाम से राहत नहीं मिली। स्नानर्थियों के लौटने का सिलसिला शुरू हुआ तो जाम ने और परेशानी बढ़ाई।
हरिद्वार में गंगा स्नान के चलते नारसन से ही श्रद्धालुओं को जाम से जूझना पड़ा। दिल्ली-हरिद्वार और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर दिल्ली, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान आदि राज्यों के वाहनों की कतारें सुबह से ही लगनी शुरू हुई। जबकि इससे निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने रूट डायवर्ट भी किया था। पुलिस ने बड़े वाहनों को नारसन तिराहे से झबरेड़ा वाया पुहाना डायवर्ट भी किया। बावजूद इसके मंगलौर कस्बे और रुड़की मिलिट्री तिराहे से कोर कालेज के बीच वाहनों की कतारें लगी रही। रुड़की रोडवेज स्टैंड से शताब्दी द्वार और मलकपुर चुंगी के बीच जाम की दिक्कत ज्यादा बनी रही। जगह-जगह बदहाल हाईवे ने परेशानी और बढ़ाई। सोलानी पुल पर और इस पुल से कोर कालेज तक टूटी सड़क ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ाई। शाम होते-होते स्नान कर लौटने का सिलसिला शुरू हुआ तो हाईवे पर वाहनों का दबाव और बढ़ गया।
बार्डर पर चेकिंग अभियान
नारसन में गंगा स्नान पर कोई अप्रिय घटना न हो इसके मद्देनजर पुलिस ने नारसन बार्डर पर चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने वाहनों को रोककर तलाशी ली। हालांकि चेकिंग अभियान से हाईवे पर लोगों को जाम की परेशानी का सामना करना पड़ा।
निगम और पुलिस के दावे साबित हुए हवाई
शहर के बीच से गुजरने वाले दिल्ली-हरिद्वार और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बड़े पर्व के मौके पर अक्सर भारी जाम लगता है। इससे शहर के लोग भी प्रभावित होते हैं। इससे निपटने के लिए शहर में करीब आठ माह पूर्व 90 लाख की लागत से विभिन्न चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगाई गई थी लेकिन, यह आज तक सुचारु नहीं हो पाई है।
सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा स्नान के चलते रुड़की शहर के प्रत्येक चौराहे पर हरिद्वार आने-जाने वाले वाहनों की भारी भीड़ लगी। इसके चलते शहर के लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। इन चौराहों पर यातायात को सिस्टम के तहत सुचारु करने के लिए नगर निगम की ओर से करीब आठ माह पूर्व ट्रैफिक लाइट लगाई गई थी। कुछ दिनों के लिए इसका ट्रायल भी किया गया लेकिन, कर्मियों की कमी का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन इसे अभी तक चालू नहीं करवा पाया है। जिसकी वजह से चौराहों पर अक्सर जाम लगा रहता है। इससे जान का जोखिम भी बना रहता है। जाम को लेकर पुलिस प्रशासन और आम नागरिकों की बैठकों में यह मुद्दा भी कई बार उठाया जा चुका है लेकिन, हर बार वादे ही किए जाते हैं। निगम और पुलिस प्रशासन के लाइटों को जल्द सुचारु करने के दावे भी हवाई साबित हो रहे हैं। जिसका खामियाजा लोगों को जाम के रूप में भुगतना पड़ रहा है।