रुड़की। गन्ना एवं चीनी आयुक्त उत्तराखंड ललित मोहन रयाल ने गन्ना विकास परिषद लिब्बरहेड़ी में तैनात लिपिक को प्राथमिक जांच के बाद निलंबित कर दिया है। वहीं मामले की जांच ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक इकबालपुर को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को छह सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके साथ ही निलंबित लिपिक को सहायक गन्ना आयुक्त देहरादून कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013 में नितिन कुमार भटनागर लक्सर गन्ना विकास परिषद में लिपिक के पद पर तैनात था। बताया जाता है कि गन्ना विकास परिषद के कर्मचारी को दफ्तर में एक एफडी जमा करनी होती है। आरोप है कि लिपिक ने जो एफडी परिषद में जमा कराई थी, उसे बंधक बनाकर तीन बार में करीब सवा चार लाख रुपये का ऋण ले लिया गया। जबकि इसके लिए कोई अनुमति भी नहीं ली गई। मामले की गन्ना एवं चीनी आयुक्त ललित मोहन रयाल ने जांच कराई। इसमें आरोपों की पुष्टि हुई है। इसके बाद वर्तमान में गन्ना विकास परिषद लिब्बरहेड़ी में तैनात लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही निलंबित लिपिक को सहायक गन्ना आयुक्त देहरादून में संबद्ध कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच गन्ना विकास परिषद इकबालपुर के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दिग्विजय सिंह करेंगे।