लक्सर शुगर मिल के कर्मचारियों ने मिल प्रशासन पर शोषण का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। इस दौरान कर्मचारियों ने शुगर मिल में धरना देते हुए तौल बंद करा दिया। वहीं तहसीलदार गोपाल सिंह दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराने के लिए शुगर मिल पहुंचे।
शुक्रवार को लक्सर शुगर मिल के कर्मचारियों ने मजदूर संघ के पदाधिकारियों के साथ मिलकर फैक्ट्री में हंगामा किया। कर्मचारियों का कहना था कि एक अक्तूबर 2015 को वेतन पुनरीक्षण होना था। सरकार ने कुछ दिनों पहले पुनरीक्षण का जीओ जारी किया, लेकिन शुगर मिल प्रशासन ने जीओ का गजट जारी नहीं होने दिया। जिससे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। इस गजट से कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होनी थी। वहीं फैक्ट्री में कुछ लोग पिछले दस, बारह साल से काम कर रहे हैं। लेकिन फैक्ट्री प्रशासन आज भी इन लोगों को मात्र पांच या छह हजार रुपये देकर अस्थायी नौकरी करा रहा है। कर्मचारियों ने शुगर मिल में धरना शुरू करते हुए काम बंद करा दिया।
बाद में तहसीलदार गोपाल सिंह मौके पर कोर्ट का आदेश लेकर पहुंचे। लक्सर कोर्ट के आदेशानुसार कोई भी कर्मचारी फैक्ट्री के बाहर व अंदर धरना नहीं दे सकता है। जिसके बाद तहसीलदार गोपाल सिंह की मध्यस्थता में दोनों पक्षों की वार्ता हुई। कर्मचारियों का कहना है कि मांगे पूरी न होने तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान चीनी मिल मजदूर संघ के अध्यक्ष साधूराम, लक्सर शुगर मिल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धीरज सिंह, लक्सर शुगर मिल फैक्ट्री यूनियन के अध्यक्ष समय सिंह, मैनपाल सिंह, ऋषिपाल ंसिह, किरपाल सिंह, जसवीर सिंह, आरिफ, जितेंद्र, रंजन, प्रवीण, सुरेंद्र आदि मौजूद रहे।