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यूपीसीएल, यूजेवीएनएल, पिटकुल में टेंडरों की हो एसआईटी जांच- गुरुरानी

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रुड़की रामनगर स्थित बिजली घर के सभागार में आयोजित उर्जा ऑफिसर्स सुपरवाइजर्स एवं स्टाफ एसोसिएशन - फोटो : ROORKEE
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ऊर्जा ऑफिसर्स सुपरवाइजर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन की क्षेत्रीय कमेटी (गढ़वाल क्षेत्र) पिटकुल की ओर से रामनगर स्थित बिजली घर में आयोजित बैठक में वेतन विसंगति दूर करने, समयबद्ध वेतनमान को यथावत रखने और सातवें वेतनमान का भुगतान करने की मांग उठाई गई। वहीं, एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष डीसी गुरुरानी ने यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में महंगी दरों से सामान खरीदने के आरोप लगाते हुए टेंडरों की एसआईटी जांच कराने की मांग की। बैठक में अवनीश कुमार को केंद्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
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रविवार को आयोजित बैठक में डीसी गुरुरानी ने आरोप लगाया कि एक ओर तो प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस का ढिंढोरा पीट रही है तो वहीं तीनों निगमों में भ्रष्टाचार चरम पर है। बिजली की केबल, मीटर और ट्रांसफार्मर खरीद में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया है। 100 केवी के ट्रांसफार्मर की बाजार में कीमत एक लाख 39 हजार रुपये है जबकि दीनदयाल योजना के तहत इसे एक लाख 72 हजार रुपये में खरीदा गया। करीब 2200 रुपये के सीमेंट के पोल को 3200 रुपये में खरीदा गया। यूजेवीएनएल की ओर से उत्तरकाशी में छह करोड़ की लागत से एक दीवार बनाई गई थी, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण यह ढह गई।
पौड़ी जिले में चीला विद्युत उत्पादन गृह में यूजेवीएनएल की एक मशीन एक साल से खराब है। इसे चार कंपनियां भी ठीक नहीं कर पाईं तो हरिद्वार से भेल के इंजीनियरों को बुलाना पड़ा। विकासनगर में 16 करोड़ का सोलर प्लांट लगाया गया। आरोप है कि इसमें ठेकेदार को विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अधिक भुगतान कराया गया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा निगमों भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। सोमवार को वे यूपीसीएल, यूजेवीएनएल, पिटकुल के प्रबंध निदेशकों ज्ञापन देंगे। इसके बाद तीनों निगमों में भ्रष्टाचार की एसआईटी जांच के लिए सचिव और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा।
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विभाग में कर्मचारियों का टोटा
डीसी गुरुरानी ने कहा कि तीनों निगम में कर्मचारियों का टोटा है। 20 हजार कर्मचारियों के बदले का छह हजार कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है। एक कर्मचारी तीन का का काम कर रहा है। इसके बाद भी 24 घंटे आपूर्ति सुचारु की जा रही है। निचले लेबल के कर्मचारी परेशान हैं।
जेई को बहाल करने की मांग
डीसी गुरुरानी ने कहा कि रुड़की के अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर त्रिपाठी ने एक अवर अभियंता को जरा सी गलती करने पर एक माह पूर्व निलंबित कर एसई कार्यालय से अटैच कर दिया था। यदि एक माह के अंदर संबंधित अवर अभियंता संदीप को बहाल नहीं किया गया तो एसोसिएशन रुड़की के अधीक्षण अभियंता के खिलाफ आंदोलन करेगी।
ये रहे मौजूद
अवर अभियंता रमन कुमार, गौरव शर्मा, एसोसिएशन के केंद्रीय महामंत्री आशाराम रतूड़ी, राजकुमार सिंह, महिपाल, योगेश सैनी, डीसी गोयल, धर्मेंद्र, प्रदीप सक्सेना, मांगेराम, मुकेश कुमार, वाहिद हसन, राजू महतो, अश्वनी कुमार, एसएस नेगी, सुरेंद्र कुमार, प्रवीण बंसल, विनय कुमार, सुनील कुमार, विपिन त्यागी आदि।
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