उत्तराखंड सूचना आयोग ने आदेश के बावजूद मांगी गई सूचनाएं न दिए जाने के मामले को लेकर ग्राम नगला इमरती के ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामले की सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
नारसन विकास खंड के ग्राम नगला इमरती निवासी अर्जुन ने गांव से संबंधित 12 बिंदुओं पर आरटीआई के तहत आवेदन कर सूचना मांगी थी लेकिन लोक सूचना अधिकारी निर्धारित समय पर सूचनाएं नहीं दे पाए। प्रथम अपील के बाद भी लोक सूचना अधिकारी चाही गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं करा पाए जिसके बाद ग्राम पंचायत सदस्य के पति ने उत्तराखंड सूचना आयोग में द्वितीय अपील करते हुए मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी।
राज्य सूचना आयुक्त देवेंद्र कुमार आर्य ने 27 नवंबर 2025 को लोक सूचना अधिकारी को 15 दिन के भीतर सूचनाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे लेकिन लोक सूचना अधिकारी अपीलार्थी को सूचनाएं उपलब्ध नहीं करा पाए। सूचनाएं न मिलने पर अपीलार्थी ने आरटीआई की धारा 18 के तहत शिकायत दर्ज कराते हुए वीडीओ और वीपीडीओ पर सूचना आयोग की अवमानना करने का आरोप लगाते हुए लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाने और उनके खिलाफ़ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करने, साथ ही प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश करने की मांग की थी। उत्तराखंड सूचना आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगला इमरती के वीडीओ आशुतोष सैनी और वीपीडीओ शांतनु चौहान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 23 जुलाई को आयोग में पेश होने के आदेश दिए हैं।