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Roorkee News: कांवड़ पटरी छोड़ हाईवे पर उमड़े शिवभक्त

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कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार भी यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन के दावे पूरी तरह सफल होते नजर नहीं आ रहे हैं। कांवड़ पटरी मार्ग पर अपेक्षित रौनक नहीं दिखाई दे रही है जबकि बड़ी संख्या में पैदल कांवड़िये दिल्ली-देहरादून हाईवे का रुख कर रहे हैं। अनुमान है कि करीब 60 से 70 प्रतिशत पैदल यात्री हाईवे पर चल रहे हैं जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
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हाईवे पर सजाई गई बड़ी कांवड़, डीजे, भक्ति गीत-संगीत और विभिन्न शिविरों की आकर्षक व्यवस्थाएं भी पैदल कांवड़ियों को अपनी ओर खींच रही हैं। इसके कारण कांवड़ पटरी मार्ग अपेक्षाकृत खाली नजर आ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रद्धालुओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है।स्थिति यह है कि दिल्ली-देहरादून हाईवे के कई हिस्सों पर कांवड़ियों ने लगभग पूरा कब्जा कर लिया है।
नगला इमरती से लेकर मंगलौर के लिब्बरहेड़ी क्षेत्र तक वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। फ्लाईओवरों पर भी घंटों जाम की स्थिति बनी हुई है। रोडवेज बसों, निजी वाहनों और माल वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से हाईवे को यात्री वाहनों के लिए खुला रखने का दावा किया जा रहा है लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही तस्वीर पेश कर रहे हैं।
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सामान्य दिनों में कम समय में पूरा होने वाला हरिद्वार से रुड़की का सफर अब तीन से चार घंटे में पूरा हो रहा है। यातायात जानकारों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में कांवड़ियों की संख्या और बढ़ी तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। उनका मानना है कि मौजूदा स्थिति बनी रही तो हरिद्वार से रुड़की पहुंचने में आठ घंटे तक का समय लग सकता है। पुलिस और प्रशासन यातायात को सुचारु रखने के प्रयास में जुटे हैं लेकिन बढ़ती भीड़ बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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