पूर्व बसपा नेता अपने समर्थकों की एक सभा को संबोधित करते हुए
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बसपा से निष्कासन के बाद पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद ने जिले भर ो अपने समर्थकों की भीड़ जुटाकर बसपा के खिलाफ हुंकार भरी। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष पद से अचानक नाम वापसी का पर्दाफाश भी किया। इसके पीछे बसपा प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी व प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार पर कांग्रेस से मोटी डील के आरोप दोहराए। साथ ही सितंबर माह से बसपा की पोल खोल रथयात्रा शुरू करने का फैसला भी लिया गया। समर्थकों ने शहजाद को हर स्थिति में साथ होने का भरोसा भी दिलाया।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में नाटकीय ढंग से पर्चा वापस लेने के बाद पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद ने बृहस्पतिवार को अपने समर्थकों को रुड़की बुलाया था। नहर किनारे हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहम्मद शहजाद ने आरोप लगाया कि प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन और प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार ने जबरन नामांकन वापस कराया है। कार्यक्रम स्थल पर नामांकन वापसी के फोटो दिखाते हुए उन्होंने दोनों पदाधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि पार्टी में मजबूत नेताओं के बजाय दलालों को जगह मिलने से दलित वर्ग भी बसपा से नाराज है। यही वजह है कि कार्यक्रम में भारी संख्या में दलित समाज के लोग पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सितंबर माह में जनपद हरिद्वार समेत देहरादून व ऊधमसिंह नगर में रथयात्रा निकालकर बसपा की पोल खोलेंगे। वहीं नामांकन वापस लेने वाले मोहम्मद शहजाद के भाई सत्तार ने कहा कि वह जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में जीत की तरफ बढ़ रहे थे। इसी कारण सुनियोजित ढंग से कांग्रेस से सांठगांठ कर उनका नामांकन वापस कराया गया। पलटूराम ने कहा कि इसका नतीजा बसपा को विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। महेन्द्र मिस्त्री ने कहा कि चुनाव कोई कुंभ का मेला नहीं जो 12 साल में एक बार आए, जनता उनसे धोखा करने वालों को जल्द ही सबक सिखाएगी। कार्यक्रम को राव शकील, जिला पंचायत सदस्य अब्दुल गफ्फार, निसार अहमद, बीडीसी राकेश कुमार, इदरीस अहमद, हाजी इस्लाम, सईद अहमद आदि ने संबोधित किया।
समर्थक जुटाकर कराया कद का अहसास
मोहम्मद शहजाद ने पार्टी से बाहर होने के बाद भरी गर्मी के बावजूद भारी संख्या में समर्थकों की भीड़ जुटाई। खास बात ये रही कि शहजाद समर्थकों में सिर्फ मुस्लिम या तेली बिरादरी ही नहीं, बल्कि दलित व अन्य जाति बिरादरियों के लोग भी शामिल रहे। नहर किनारे पूर्व विधायक के कार्यालय के सामने का पूरा हिस्सा समर्थकों से भरा रहा।
चौक से नए पुल तक लगा रहा जाम
कार्यक्रम के दौरान चंद्रशेखर चौक से लेकर नए पुल तक जाम की स्थिति बनी रही। कार्यक्रम में पहुंचे समर्थकों के वाहन सड़क के दोनों तरफ खड़े होने के कारण आने जाने वालों को दिक्कत उठानी पड़ी। सड़कों पर वाहन ज्यादा होने पर चौक से नए पुल तक पहुंचने में करीब 20 मिनट का समय लगा।