फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोज तोड़ी जा रही धारा 144

Mon, 06 Jun 2016 12:07 AM IST
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
विज्ञापन
हरीश्‍ा रावत का पुतला फूंकते प्रण्‍ाव समथ्‍ाऱ्र्थक। - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
विज्ञापन
रुड़की/लंढौरा। बवाल के बाद कस्बे में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उसी दिन धारा 144 लागू कर दी गई थी, लेकिन इस धारा का पालन कराने में पुलिस और प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं।  इसका पालन कराने के लिए पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती भी की गई थी, मगर बवाल के बाद कभी पुतला फूंककर तो कभी धरना, प्रदर्शन या बैठक कर रोजाना धारा 144 का मखौल उड़ाया जा रहा है।
विज्ञापन


लंढौरा में धर्मग्रंथ का अपमान होने की खबर सुनकर खादर तक के गांवों से हजारों की संख्या में लोग कस्बे में जमा हुए। इसके बाद भीड़ बढ़ती चली गई और बेकाबू हो गई। नतीजतन तोड़फोड़, मारपीट व आगजनी होने लगी। ये बात दीगर है कि अगर बाहर से आने वाली भीड़ को नाकेबंदी कर कस्बे में आने से रोक लिया जाता तो शायद बवाल न होता। बहरहाल इसे चूक या लापरवाही कहें या फिर कोई मजबूरी, बवाल के बाद आखिरकार माहौल शांत करने के लिए धारा 144 लगाई गई। जिसके तहत समूह में इकट्ठा होने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई।

मगर तीसरे दिन ही रंगमहल के पास एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने इकट्ठा होकर सीएम का पुतला फूंक दिया। प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद धरना, प्रदर्शन व बैठक भी हुईं। बवाल की तरह ये सब भी पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में होता रहा है। माहौल शांत करने में जुटे अधिकारियों का ध्यान इस तरफ पहुंचा ही नहीं है। वहीं एसएसपी राजीव स्वरूप का कहना है कि धारा 144 का उल्लंघन करने वालों को चििह्नित किया जा रहा है। कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन


चैंपियन समर्थकों ने बताया करोड़ों का नुकसान
रुड़की। चैंपियन समर्थकों ने बवाल के दौरान रंगमहल में करोड़ों का नुकसान होने का दावा किया है। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में सुनील वालिया, डा. नवनीत शर्मा, डा. पहल सिंह, संदीप प्रधान, भीम सिंह, विपिन वर्मा ने बताया कि सरकार के इशारे पर प्रशासन ने नुकसान का कम आंकलन किया है जबकि रंगमहल में राज परिवार की बहुमूल्य सांस्कृतिक धरोहर जैसे चांदी के खंजर, सोने की मूठ वाली तलवार और बरछी भाले का मूल्यांकन करना कठिन है। एंटिक होने के चलते उनका मूल्यांकन करोड़ों में होगा।

वहीं सुशील, सचिन, इलमचंद्र, पुलकित, जितेन्द्र आदि ने आरोप लगाया कि उपद्रवी रंगमहल से तीन गाय भी खोलकर ले गए हैं। उन्होंने भी एक धर्मग्रंथ का अपमान किया है। संजय अग्रवाल, अमित त्यागी, विवेक शर्मा, संदीप सैनी, राहुल गर्ग आदि ने रंगमहल से ले जाया गया सामान वापस लौटाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें