नोटबंदी के 80 दिन बाद भी शहर में नकदी की कमी से बैंकों और शहरवासियों को निजात नहीं मिल पा रही है। माह के अंत में एक बार फिर अधिकतर बैंकों में नकदी का टोटा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को पेंशन और सैलरी निकासी के लिए कुछ दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
शहर में एसबीआई मुख्य शाखा सहित अन्य बैंकों में फिलहाल प्रतिदिन जमा होने वाली राशि से ही जैसे तैसे काम चलाया जा रहा है, लेकिन अब माह के अंत में हजारों की संख्या में पेंशनर्स और सैलरी कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मालूम हो कि रुड़की में ही लगभग 20 हजार से अधिक वेतनभोगी कर्मचारी और पेंशनर्स हैं, जिन्हें माह की अंतिम और पहली तारीख को वेतन या पेंशन का इंतजार रहता है। एसबीआई मुख्य शाखा के प्रबंधक जयशंकर के अनुसार फिलहाल जमा और निकासी के राशि से बैंक का कार्य चल रहा है, लेकिन पेंशन और सैलरी वालों को परेशानी हो सकती है। कारण कि आरबीआई से अभी दो-चार दिनों में नकदी आने की उम्मीद नहीं है।