विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स के लिए बरेली से साबरी झंडा मुबारक पूरे धार्मिक उत्साह और अकीदत के साथ बुधवार को रवाना हो गया। इस वर्ष कांवड़ यात्रा के मद्देनजर दरगाह के सज्जादानशीन शाह अली ऐजाज कुद्दूसी साबरी ने कांवड़ियों की आस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का सम्मान करते हुए निर्णय लिया कि साबरी झंडे के साथ आने वाला अकीदतमंदों का जत्था पैदल यात्रा के बजाय वाहनों से पिरान कलियर पहुंचेगा।
सज्जादानशीन शाह अली एजाज कुद्दूसी साबरी की अनुमति से साहिबजादा शाह यावर अली एजाज साबरी ने बरेली से 38वां साबरी झंडा पिरान कलियर शरीफ के लिए रवाना किया। झंडा मुबारक के साथ अकीदतमंदों का जत्था 13 अगस्त को पिरान कलियर पहुंचेगा। इसी दिन दरगाह साबिर पाक के मुख्य दरवाजे पर झंडा कुशाई (झंडा फहराने) की रस्म अदा की जाएगी।
जानकारी के अनुसार दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स में हर वर्ष झंडा कुशाई की रस्म बड़ी अकीदत के साथ अदा की जाती है। परंपरा के अनुसार बरेली से सूफी वसीम साबरी और कमाल साबरी के नेतृत्व में अकीदतमंदों का जत्था कलियर पहुंचता है। इसके बाद सज्जादानशीन शाह अली एजाज कुद्दूसी साबरी दरगाह के मुख्य दरवाजे पर झंडा फहराकर उर्स की पहली रस्म अदा करते हैं। झंडा रवाना होने से पहले विशेष दुआ कर उर्स की कामयाबी, देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
साहिबजादा शाह यावर अली एजाज साबरी ने बताया कि सज्जादानशीन शाह अली एजाज कुद्दूसी साबरी ने कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की आस्था का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया कि इस साल पैदल जत्था न लाकर वाहनों से पिरान कलियर पहुंचाया जाए ताकि प्रशासन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और दोनों धार्मिक आयोजनों का संचालन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से हो सके। उन्होंने बताया कि 13 अगस्त को झंडा कुशाई की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद 13 या 14 अगस्त को चांद दिखाई देने पर मेहंदी डोरी की रस्म के साथ 758वें सालाना उर्स का विधिवत आगाज होगा।