मौसम के तल्ख तेवर पर अब ऊर्जा निगम के उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। निगम ने नई व्यवस्था से बिजली व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत कर लिया है। शहरी और देहात ग्रामीण के इलाके में नई व्यवस्था कर लाइन अंडरग्राउंड की है। एक करोड़ में निगम ने यह काम करने का दावा किया है।
बारिश, तेज हवा और आंधी के कारण अक्सर बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती थी जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब ऐसी स्थिति में भी घरों की रोशनी बुझने की संभावना काफी कम हो जाएगी। ऊर्जा निगम ने शहरी क्षेत्र के साथ-साथ भगवानपुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति को सुचारु रखने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड लाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया है।
इस योजना पर लगभग एक करोड़ रुपये की लागत आई है। निगम की ओर से यह वैकल्पिक व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि खराब मौसम के दौरान भी बिजली आपूर्ति बाधित न हो और उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। एसई विवेक राजपूत का कहना है कि अंडरग्राउंड लाइन होने से तेज आंधी, बारिश या पेड़ों की शाखाएं गिरने से बिजली लाइनें प्रभावित नहीं होंगी।
इससे ट्रिपिंग और फाल्ट की समस्या भी काफी हद तक कम होगी। रुड़की (शहर) और भगवानपुर क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली की ओवरहेड लाइनें मौसम की मार से प्रभावित हो जाती थीं। कई बार तेज हवा में तार टूटने या पेड़ गिरने से घंटों बिजली गुल रहती थी। इस समस्या को देखते हुए निगम ने अंडरग्राउंड लाइन डालने की योजना तैयार की थी जिसे अब पूरा कर लिया गया है।
नई व्यवस्था से खिले लोगों के चेहरे
नई व्यवस्था से स्थानीय लोगों में भी संतोष देखने को मिल रहा है। भगवानपुर निवासी राजेश कुमार का कहना है कि पहले बारिश या तेज हवा चलने पर अक्सर बिजली चली जाती थी और कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था। अब अंडरग्राउंड लाइन बनने से उम्मीद है कि बिजली आपूर्ति बेहतर होगी और परेशानी कम होगी। वहीं शहर निवासी सलीम अहमद ने बताया कि खराब मौसम के दौरान बिजली कटने से सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के कामों में होती थी। उन्होंने कहा कि अगर यह व्यवस्था ठीक से काम करती है तो निश्चित रूप से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।