आधार कार्ड बनवाना और उसमें संशोधन कराना किसी जंग से कम नहीं रह गया है। मामला रुड़की का है, जहां टोकन का झुनझुना थमाकर लोगों को दो माह की लंबी वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया है। उन्हें 24 अक्तूबर तक की तारीख दी गई है। मजबूर लोगों के सामने कोई चारा भी नहीं। आधार बनवाने और संशोधन कराने वालों की भीड़ ही इस कदर है। सोमवार को मुख्य डाकघर के बाहर 2700 लोग पहुंचे थे। ऐसा पहली बार हुआ। भीड़ देख डाक विभाग के अफसरों के हाथ पांव फूल गए। दिन भर पुलिस तैनात रही।
मुख्य डाकघर में सोमवार को पहुंचने वालों में आधार बनवाने वालों के साथ ही संशोधन कराने वाले भी बड़ी संख्या में शामिल थे। रोज महज 40 आधार कार्ड बन पा रहे हैं, लेकिन यहां सुबह नौ बजते बजते ढाई हजार से ज्यादा लोग पहुंच गए। लग रहा था, जैसे कोई मेला लगा हो। मुख्य पोस्ट मास्टर रमेश दत्त रतूड़ी ने पुलिस को फोन कर व्यवस्था बनाने की मांग की। सूचना के तुरंत बाद सोत चौकी प्रभारी अंकुर शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया।
सुबह 10 बजे से टोकन बांटे जाने शुरु हुए। सड़क पर जाम लगता देख पुलिस ने डाकघर रोड की ओर आने वाले वाहनों को डायवर्ट किया। इसके बाद महिलाओं के लिए अलग काउंटर खुलवाया गया। महिलाएं डाकघर के गेट के अंदर से टोकन ले रही थीं, जबकि पुरुषों के लिए गेट के बाहर से खड़े होकर टोकन लेने की व्यवस्था की गई थी। आधार कार्ड बांटने के दौरान एक व्यक्ति अंदर का आ गया और टोकन बांटने वाले कर्मचारी के साथ धक्का मुक्की करने लगा।
रुड़की के साथ ही मंगलौर में भी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। अन्य डाकघरों में कहीं स्टाफ की कमी है तो कहीं जगह की कमी है। रामनगर में आधार कार्ड काउंटर खोलने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन वहां जगह भी कम है और स्टाफ कम है।
-जीएम तनेजा, प्रवर अधीक्षक, डाकघर देहरादून