कुख्यात गैंगेस्टर सुनील राठी को हरिद्वार जेल में शिफ्ट करने के बाद उसके नाम से रुड़की-हरिद्वार में दस से अधिक व्यापारियों को चौथ वसूली के लिए धमकी मिल चुकी है। यह तथ्य सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस-प्रशासन और खुफिया विभाग की ओर से भी सुनील राठी को हरिद्वार जेल से अन्यत्र शिफ्ट करने की सिफारिश की गई है। सिफारिश किए जाने के बावजूद राठी का हरिद्वार जेल में बने रहना, जेल प्रशासन की नीयत पर सवालिया निशान लगा रहा है। मालूम हो कि इससे पहले गुपचुप तरीके से सुनील राठी को तिहाड़ से हरिद्वार जेल में शिफ्ट किया गया था।
सुनील राठी पर हरिद्वार जेल में रहते हुए रुड़की के जेलर की हत्या कराने का आरोप है। इसके अलावा रुड़की जेल में गैंगवार सहित कई अन्य मामलों में उसके खिलाफ केस दर्ज है। रुड़की और हरिद्वार जेल उसके लिए शुरू से ही मुफीद रही है, जहां रहकर उसने हत्या और अन्य गंभीर वारदातों को अंजाम दिया है। यही कारण है कि उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया था, लेकिन दो माह पहले गुपचुप तरीके से उसे हरिद्वार जेल शिफ्ट कर दिया गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी। दस दिन बाद मामले की जानकारी मिलने पर अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जेल प्रशासन को यह बेहद नागवार गुजरा था। यही नहीं सुनील राठी के संबंध में सवाल करने पर जेल आईजी पीवीके प्रसाद भड़क उठे। उन्होंने इस संबंध में जानकारी देने के बजाए फोन नहीं करने की नसीहत दी।
इस संबंध में