अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की बेहद फिल्मी साजिश रची थी लेकिन पुलिस के आगे एक न चली। लगभग दो माह से फरार चल रहे पॉक्सो एक्ट के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
कोतवाली प्रभारी भगवान सिंह मेहर ने बताया कि आरोपी नीटू उर्फ ज्ञानेंद्र के खिलाफ अप्रैल 2026 में एक सात वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोप में पॉक्सो समेत अन्य आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस की लगातार दबिश से घबराए आरोपी ने खुद को कानून की गिरफ्त से बचाने के लिए साजिश रची। उसने नहर के किनारे अपने कपड़े, जूते और अन्य निजी सामान इस तरह व्यवस्थित रखे कि पुलिस को लगे कि उसने नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने आरोपी की चाल को भांप लिया और उसे मृत मानने के बजाय हर संभावित एंगल से जांच जारी रखी। तकनीक और मुखबिरों के जाल के सहारे आखिरकार पुलिस टीम ने आरोपी नीटू को धर दबोचा।