आदर्श शिवाजी नगर रामलीला समिति के तत्वावधान में रामलीला के आठवें दिन की लीला का मंचन किया गया। इसके पहले जयवीर सिंह रावत ने फीता काटकर उद्घाटन किया।
मंचन में रावण सीता संवाद होता है। हनुमान अशोक वाटिका में प्रवेश करते हैं और सीता को आवाज लगाते हैं, सीता, हनुमान से उसका परिचय पूछती है। हनुमान बताते हैं कि मैं राम भक्त हनुमान हूं। श्रीराम ने पहचान के लिए एक मुद्रिका मुझे दी है। मुद्रिका को देखकर सीता, श्रीराम और लक्ष्मण की कुशलक्षेम पूछती हैं। इसके बाद हनुमान अशोक वाटिका को तहस नहस कर देते हैं। रावण को जब पता चलता है कि एक उत्पाती वानर अशोक वाटिका में आया है तो वह बेटे अक्षय को हनुमान को बंदी बनाने के लिए भेजते हैं। लेकिन, उसका वध होता है। खबर सुनकर रावण मेघनाद को उस वानर को पकड़ने के लिए भेजता है। मेघनाद हनुमान को ब्रह्मास्त्र में बांधकर रावण के सामने पेश करता है। इसके बाद हनुमान की पूंछ में आग लगाने पर वह पूरी सोने की लंका जला देते हैं।
इस अवसर पर जगमोहन सिंह रावत, गौर सिंह भंडारी, राजेंद्र रावत, यशवंत सिंह बिष्ट, विनोद, हीरा सिंह गुसाईं, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, रंजीत सिंह रावत, महावीर प्रसाद डोभाल, सतीश नेगी, पुष्कर सिंह तोमर, बलबीर सिंह रावत, बच्चीराम, सतीश चंद कुकरेती, रामलाल, श्याम सिंह पंवार, जय सिंह नेगी, सौरभ लखेड़ा आदि उपस्थित थे।