जालंधर पुलिस ने शुक्रवार को स्थानीय पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर के साथ मिलकर कलियर और भगवानपुर क्षेत्र के कई मेडिकल स्टोरों पर छापे मारे, लेकिन कोई प्रतिबंधित दवा नहीं मिली। पुलिस की इस कार्रवाई से दवा विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति रही। कई विक्रेता दुकानें बंद करके गायब हो गए।
शुक्रवार को जालंधर (पंजाब) के एक थाने की पुलिस टीम एसआई गगनदीन शेखों के नेतृत्व में कोतवाली रुड़की पहुंची। टीम के साथ एक महिला भी थी। हालांकि उसके बारे में टीम ने कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन माना जा रहा है कि नशे की दवा बेचने और उनकी तस्करी करने के मामले में महिला जुड़ी हो सकती है। पंजाब पुलिस ने सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस, कलियर पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार के साथ कलियर में कुछ मेडिकल स्टोरों पर छापे मारे। हालांकि छापे के दौरान मेडिकल स्टोर्स पर कोई प्रतिबंधित दवा नहीं मिल पाई। टीम को एक मेडिकल स्टोर को लेकर कुछ सूचनाएं थी, लेकिन जब टीम वहां पहुंची तो वह बंद मिला। क्षेत्र के अन्य मेडिकल स्टोर भी कार्रवाई की सूचना होने की सूचना पर बंद रहे। पंजाब पुलिस ने यह नहीं बताया कि वह किस मामले और किसकी तलाश में यहां आए थे। ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने बताया कि पंजाब पुलिस ने किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी है।
आठ को भी की थी कार्रवाई
आठ अप्रैल को भी जालंधर पुलिस ने कलियर के मेडिकल स्टोर पर छापे मारकर बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान पांच मेडिकल स्टोर सील किए थे। जबकि दो मेडिकल स्टोर पर नशे की दवा मिलने पर उनके स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मेडिकल स्टोर स्वामी आसिफ निवासी मुकर्रबपुर को पुलिस अपने साथ ले गई थी। वह इस समय पंजाब की जेल में बंद है। जबकि अहतसाम निवासी बुढाहेड़ी के खिलाफ ड्रग एक्ट के तहत कलियर थाने में मुकदमा दर्ज किया था।