कोतवाली क्षेत्र के लंढौरा कस्बे में दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर गर्भवती विवाहिता को घर से बाहर निकालने का आरोप है। पीड़िता ने पति, सास और ससुर के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। एसपी देहात शेखर चंद सुयाल के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के कस्बा लंढौरा निवासी पीड़िता सीमा ने दी तहरीर में बताया कि उसकी शादी दो मार्च 2024 को कस्बा निवासी साकिर के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के दौरान उसके परिवार ने करीब 17 लाख रुपये खर्च किए थे। इसमें नकद रुपये, गहने और घरेलू सामान भी शामिल था। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति साकिर, सास गुलशाना और ससुर इस्लाख ने उसपर मायके से 10 लाख रुपये और कार लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसे अपनी गर्भावस्था का पता चला तो ससुराल वालों ने उसे और प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। बताया कि 28 जून 2025 को उसके साथ मारपीट की गई। इस दौरान उसे गंभीर चोटें आईं जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीड़िता के अनुसार, पहले भी ससुराल पक्ष के खिलाफ मंगलौर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
उस समय ससुराल पक्ष ने माफी मांगी और अपनी गलती स्वीकार की। इसके कारण सुलह हो गई लेकिन घर वापस आने के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने फिर से दहेज के लिए मारपीट शुरू कर दी। सीमा ने बताया कि 23 फरवरी की सुबह फिर से दहेज के लिए मारपीट की। कोतवाल भगवान सिंह मेहर ने बताया कि एसपी देहात के आदेश पर आरोपी पति साकिर, सास गुलशाना और ससुर इस्लाख उर्फ इस्लाक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।