डेढ़ माह पूर्व हुई गणेशपुर निवासी कारोबारी पंकज राणा की हत्या जेल में बंद कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि ने कराई थी। देवबंद पुलिस ने तीन शूटरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है। पंकज राणा का प्रवीण वाल्मीकि के साथ रुड़की जेल में रहने के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी कारण दोनों के बीच रंजिश चल रही थी।
गणेशपुर निवासी सामान सप्लाई का काम करने वाले पंकज राणा की 29 जनवरी को चौंदाहेड़ी-झबरेड़ा मार्ग पर गोलियों से भूनकर उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह टेंपो में सामान लदवा रुड़की आ रहा था। वह टेंपो के साथ-साथ बाइक से चल रहा था। बाइक सवार तीन बदमाशों उस पर गोलियां बरसाई थी। घटना के संबंध में पंकज राणा की पत्नी निधि राणा ने देवबंद कोतवाली में राजकुमार निवासी नेहरू नगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने घटना के अगले ही दिन राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया था। देवबंद पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली देवबंद के प्रभारी निरीक्षक चमन सिंह चावड़ा के मुताबिक रामनावला थाना मंसूरपुर निवासी रुपेश, संधावली थाना मंसूरपुर निवासी अमृतपाल और बधाईकलां चरथावल निवासी धर्मेंद्र को किया गया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्होंने यह हत्या जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि के कहने पर की थी। जिसके लिए साढ़े तीन लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। जिसमें 50 हजार रुपये की धनराशी पेशगी के रुप में दी गई थी। हत्या के पीछे कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि और पंकज राणा के बीच रंजिश बताई गई है। पुलिस के मुताबिक यह रंजिश उस समय हुई थी जब रुड़की जेल में पंकज राणा किसी मामले में बंद था और उसी दौरान प्रवीण वाल्मीकि भी रुड़की जेल में ही बंद था। जेल में रहने के दौरान ही प्रवीण और पंकज के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद से दोनों रंजिश हो गई थी। देवबंद पुलिस ने 19 मार्च को देवबंद कोतवाली में हत्याकांड का खुलासा किया है। हत्याकांड में पुलिस को धीरज नाम के एक और आरोपी की तलाश है।