चर्चित बसंत हत्याकांड का सूत्रधार आखिरकार हरिद्वार जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि ही निकला। पुलिस और एसओजी ने प्रवीण के इशारे पर हत्या की साजिश रचने वाले बुल्ला उर्फ विनय को गिरफ्तार कर लिया। फरार शूटरों की तलाश में दबिश जारी है। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बृहस्पतिवार को पूरे मामले से पर्दा उठाया।
नगर निगम के सफाई नायक बसंत कुमार की 25 जनवरी की सुबह घर से कुछ दूरी पर रामगनगर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस और एसओजी ने छह महीने पहले भी जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि के कहने पर बसंत की हत्या करने आए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। लिहाजा इस बार भी हत्या के पीछे शुरुआत से ही प्रवीण वाल्मीकि का नाम उछल रहा था। बृहस्पतिवार को एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने गंगनहर कोतवाली में हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि बसंत का पड़ोसी प्रवीण वाल्मीकि पहली बार करीब सात साल पहले जेल गया था। बसंत अपनी बस्ती में वाल्मीकि बिरादरी का चौधरी था। इस वजह से प्रवीण को उम्मीद थी कि वह उसकी मदद करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
गिरफ्तारी के पीछे भी प्रवीण वाल्मीकि को बसंत की भूमिका पर शक था जिसको लेकर वह बसंत से रंजिश रखने लगा था। छह महीने पहले साजिश नाकाम होने के बाद अब 25 जनवरी को उसने बुल्ला समेत अपने छह गुर्गों की मदद से बसंत की हत्या करा दी। पुलिस ने गिरफ्तार बुल्ला की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली। एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि फरार साजिशकर्ताओं और शूटरों की तलाश की जा रही है।