उमस और अघोषित कटौती से लोग परेशान, बाजारों में भी कारोबार प्रभावित
ऊर्जा निगम ने सुरक्षा और ओवरलोडिंग रोकने के लिए शटडाउन को बताया वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
मंगलौर। कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलौर कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि रिहायशी इलाकों के साथ-साथ हाईवे और कांवड़ यात्रा मार्ग भी अंधेरे में डूबे नजर आ रहे हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गुल रहने से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और शिवभक्तों में ऊर्जा निगम के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
क्षेत्रवासियों के मुताबिक रात के समय कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद रहने और अघोषित बिजली कटौती के कारण कांवड़ियों को अंधेरे में नंगे पैर यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उमस भरी गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से घरों के इनवर्टर जवाब दे रहे हैं जिससे पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
यात्रा के दौरान बेहतर बिजली व्यवस्था के दावों के बावजूद स्थिति संतोषजनक नहीं है। बिजली संकट का असर स्थानीय बाजार और लघु उद्योगों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दुकानदारों का कहना है कि व्यस्त सीजन में अंधेरे के कारण ग्राहक कम आ रहे हैं। इनवर्टर चार्ज नहीं होने से कंप्यूटर, डिजिटल भुगतान प्रणाली और अन्य उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। उधर, ऊर्जा निगम के एसडीओ अनुभव सैनी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ संवेदनशील फीडरों पर सुरक्षा कारणों और ओवरलोडिंग रोकने के लिए आवश्यक शटडाउन लिया जा रहा है जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।