पुरानी पेंशन बहाली और पांच दिन का कार्य सप्ताह किए जाने सहित 12 सूत्री मांगों को लेकर डाक अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्य डाकघर के सामने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार डाक विभाग के कर्मचारियों को दरकिनार कर रही है, इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा।
सोमवार को नेशनल फेडरेशन ऑफ पोस्टल इंप्लाइज डाक कर्मचारी संघर्ष समिति के आह्वान पर रुड़की के डाक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान रुड़की क्षेत्र में खुली शाखाओं के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सिविल लाइंस स्थित मुख्य डाकघर के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। समिति शाखा सचिव कामरेड सतीश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार डाक कर्मचारियों का शोषण कर रही है। इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा। बताया कि उनकी 12 सूत्री मांगों में मुख्य मांग डाकघरों में कार्य सप्ताह पांच दिन का किए जाने की है। इसके अलावा पुरानी पेंशन बहाली, जीडीएस कर्मचारियों के लिए गठित कमलेश चंद्र कमेटी की सभी सिफारिशें लागू करने, डाक लेखा कार्यालयों के विकेंद्रीकरण पर रोक और 18 महीने के देय महंगाई भत्तों के भुगतान पर रोक खत्म करने की मांग उठाई। कहा कि इन मांगों को लेकर आज भी हड़ताल जारी रहेगी। मौके पर जितेंद्र शर्मा, घनश्याम, अनिल कुमार, पवन कुमार, संजीव कुमार, विष्णु कुमार, अरुण सिंह बिष्ट, अजय कुमार, नरेंद्र पाल, रमेश पाल, ऋषि पाल, देशराज, संदीप कुमार, निशांत कुमार, बबलू, राजेश कुमार, भूपेंद्र, मोहित वर्मा, संजय कुमार, पूनम गौतम, इंदु बाल, अभिलाषा, सैयद एहसान, जावेद, सोमपाल गुप्ता, शुभम, सुमित सैनी, प्रमोद सैनी, सोमपाल प्रजापति, राहुल, विपिन कुमार, महेंद्र कुमार, सुखपाल कर्मचारी मौजूद रहे।