भुवनेश्वर ओड़िशा में गिरफ्तार हुए रुड़की बम धमाके के आरोपियों को एनआईए की टीम रुड़की लेकर आएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी से स्थानीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। आरोपियों के रुड़की पहुंचने से धमाके से जुड़े कई सच सामने आ सकते हैं।
छह दिसंबर 2014 को बाबरी विध्वंस की बरसी पर केएलडीएवी इंटर कॉलेज मैदान में विश्व हिंदू परिषद का शौर्य दिवस कार्यक्रम चल रहा था। दोपहर के समय कार्यक्रम से कुछ दूरी पर हुए एक जोरदार बम धमाके से आस पास का पूरा इलाका गूंज उठा था। धमाके में स्कूल से लौट रहे एक सातवीं के छात्र तुषार धीमान की मौत हो गई थी। घटना को शुरूआत से आतंकी संगठन से जोड़कर देखा जाता रहा था। मगर पुलिस की पड़ताल में कोई खास सुराग हाथ न लगने पर इसकी जांच एनआईए (राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी) को सौंपी गई। इसके बाद से एनआईए की टीम ने कई मर्तबा रुड़की पहुंचकर छानबीन की। कुछ लोगों से पूछताछ भी की। मगर धमाका अभी तक पहेली बना हुआ था। बुधवार को अचानक ओड़िशा के भुवनेश्वर में सिमी से जुड़े एजाजुद्दीन, अमजद खान, जाकिर हुसैन और महबूब गुड्डू समेत उनकी मां नजमा बी को गिरफ्तार किया गया।
चारों युवकों ने बिजनौर और रुड़की में बम धमाके की घटना कुबूल की है। लिहाजा एनआईए के टीम अब इन चारों आरोपियों को मौका ए वारदात की तस्दीक के लिए रुड़की ला सकती है। हालांकि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा एजेेंसी से जुड़ा होने के कारण स्थानीय पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं। वहीं एनआईए या ओड़िशा पुलिस ने भी अभी तक स्थानीय पुलिस से संपर्क नहीं साधा है। इसके बावजूद खुफिया विभाग और सुरक्षा एजेंसियों में आरोपियों के रुड़की लाए जाने की हलचल शुरू हो गई है।